तिहाड़ जेल से उमर ख़ालिद की चिट्ठी, मौलाना आज़ाद को क्यों याद कर रहे हैं उमर?

नई दिल्लीः देशभर में और खासकर यूपी में बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन चलानेवाले युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम पांच दिन पहले अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दिल्ली में गिरफ्तार हो गए। पुलिस ने उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया। वहां वे जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद से मिले। उमर ने एक चिट्ठी लिखी, जिसे अनुपम ने सोशल मीडिया में शेयर किया। चिट्ठी में उमर ने भारत की आजादी के महत्वपूर्ण नायक मौलाना आजाद को याद किया।

नौकरशाही की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ उमर खालिद ने चिट्ठी में लिखा-मौलाना ने कहा है कि हिंदुस्तान के लोगों के पास दो ही विकल्प हैं। पहला कि वे निष्ठुरता के साथ जीवन बिताएं और दूसरा जागरूकता (awareness) के साथ जिएं। निष्ठुरता के साथ आप कहीं भी रह सकते हैं, लेकिन अभिज्ञता के लिए सिर्फ एक ही जगह है-जेल। उमर ने यह भी लिखा कि कभी नहीं सोचा था कि हम इस प्रकार मिलेंगे। लेकिन अब यह मिलना हमेशा याद रहेगा। इसके साथ ही उमर ने उम्मीद जताई कि वे जल्द ही फिर मिलेंगे। कैद से मुक्ति के साथ मिलेंगे।

युवा हल्ला बोल के अनुपम ने उमर खालिद की चिट्ठी शेयर करते हुए लिखा- अग्निपथ योजना के खिलाफ आंदोलन करते हुए जब हमें गिरफ्तार करके तिहाड़ भेजा गया, तो दोस्त उमर खालिद से मुलाकात हुई, जिन्हें सिर्फ इसलिए दो वर्षों से जेल में बंद रखा गया है क्योंकि वे एक खास धर्म से आते हैं। उम्मीद है, जल्द ही वह सुबह आएगी, जब इस काले निरंकुश शासन का अंत होगा और न्याय, प्रगति और सबकी खुशहाली का रास्ता साफ होगा।

अनुपम के इस ट्वीट को खबर लिखने तक लगभग तीन हजार लाइक्स मिल चुके हैं। देश के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी इसे रिट्वीट किया है। अनेक लोगों ने इस दोनों के संघर्ष के जज्बे तथा एकता की सराहना की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *