त्रिपुरा हिंसा: PFI बोला, पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक पर होने वाले हमलों को निंदा, और भारत में अल्पसंख्यकों पर होते हमलों पर चुप्पी

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इंफाल: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र के अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ खान ने एक बयान में त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में मुस्लिम मस्जिदों और मकानों पर हिंदुवादी तत्वों के हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे दक्षिणपंथी समूह पूर्वोत्तर क्षेत्र में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को बांग्लादेशी घुसपैठियों के रूप में ब्रांड करके उन्हें सताने के लिए गढ़ने के लिए कुख्यात हैं। आरिफ ख़ान ने कहा कि वे अब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक विरोधी हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की आड़ में ऐसा कर रहे हैं।

पॉपुलर फ्रंट ने कहा कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के साथ बदसलूकी की निंदा करना और साथ ही अपने ही देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के कृत्यों के बारे में चुप रहना सही नहीं है। त्रिपुरा के नागरिक समाज को आगे आना चाहिए और त्रिपुरा में मुसलमानों पर हुए हमलों की निंदा करनी चाहिए। हम सरकार से इस हिंसा के दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करके राज्य में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं। हम घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं ताकि हिंसा के असली मास्टरमाइंड और भड़काने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके।

हिंसक तत्वों पर हो कार्रावाई

वहीं जमीयत उलमा हिंद त्रिपुरा ने ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के कार्यालय में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा है। यह प्रतिनिधिमंडल पिछले तीन दिनों में त्रिपुरा में मुसलमानों और उनके धार्मिक स्थलों पर हुए हमलों पर राज्य सरकार से मिला। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और त्रिपुरा पुलिस महानिदेशक वी एस यादव से हस्तक्षेप की मांग की है। त्रिपुरा जमीयत के अध्यक्ष मुफ्ती तैयबुर रहमान ने कहा कि उनका मानना ​​​​है कि उपद्रवियों का एक समूह त्रिपुरा में सांप्रदायिक सौहार्द को बाधित करने और राज्य सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़ शुक्रवार शाम यहां गेदु मिया मस्जिद में पत्रकारों से बात करते हुए, जमीयत नेता ने कहा कि त्रिपुरा में छह से सात क्षेत्रों में मस्जिदों, आवासीय क्षेत्रों, विशेष रूप से गोमती, उत्तरी त्रिपुरा और पश्चिम त्रिपुरा पर दंगाईयों द्वारा हमला किया जा रहा है। मिया ने हमलों को बांग्लादेश में हुए दंगों से भी जोड़ा। मुफ्ती रहमान ने कहा कि “त्रिपुरा के हिंदू और मुस्लिम समुदायों में से किसी ने भी बांग्लादेश की जघन्य घटनाओं का समर्थन नहीं किया। हमने बांग्लादेश वीजा कार्यालय के समक्ष भी इसका विरोध किया है लेकिन कुछ “अनियंत्रित, सांप्रदायिक लोग” त्रिपुरा में सांप्रदायिक तनाव फैलाकर अशांति फैलाना चाहते हैं।”