त्रिपुरा: पार्टी छोड़ने की तैयारी में भाजपा के कई विधायक

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अगरतलाः त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ने के फैसले को राजनीतिक भूल बताने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुदीप रायबर्मन और उनकी टीम के कई विधायक पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। इस बीच श्री रॉयबर्मन ने अगला चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ने से भी साफ इंकार कर दिया है।

रिपोर्टों के अनुसार बिप्लब कुमार देब सरकार से कथित असहयोग और पिछले एक साल से राज्य के भाजपा पदाधिकारियों द्वारा अपमानित किये जाने से परेशान रॉयबर्मन और उनकी टीम के छह सदस्य मामले के समाधान के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से प्रयास किये जाने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन पार्टी के आला नेताओं के साथ कई दौर की चर्चा के बावजूद बात नहीं बनी।

सबरूम में छात्रों को संबोधित करते हुए श्री रॉयबर्मन ने कहा “ इस बात तो सवाल ही नहीं उठता कि भाजपा मुझे टिकट देगी या नहीं, मैं अगला चुनाव भाजपा के टिकट से नही लड़ूगा।”

श्री रॉयबर्मन भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ विधायक आशीष कुमार साहा के साथ बुधवार को छात्रों के निमंत्रण पर स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर रक्तदान शिविर में भाग लेने के लिए सबरूम डिग्री कॉलेज गए थे, जहां पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि स्वास्थ्य विभाग ने शिविर को रद्द कर दिया है। इस पर उन्होंने कहा “ मैं सरकार के रवैये से आहत हूं, जिसने न केवल प्रशासन का दुरुपयोग करके शिविर को रोका, बल्कि छात्रों पर मेरे पास न आने के लिए भी दबाव बनाया लेकिन इसके बावजूद केवल छात्र ही नहीं, छात्रों और शिक्षकों के साथ अभिभावक भी आए और हमारी बात सुनी।

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे से मिले एबीवीपी के एक स्थानीय नेता अभिजीत देब और पांच अन्य लोगों को मेरी वापसी के बाद बुरी तरह पीटा गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके संबोधन में भाग लेने वाले छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को धमकी मिल रही है – भाजपा जैसी पार्टी के लिए इससे दुखद क्या हो सकता है?

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, महासचिव बीएल संतोष और अरुण सिंह और खुद अमित शाहा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में मुझे कई बार आश्वासन दिया था कि वे उन नेताओं के खिलाफ कदम उठाएंगे, जो व्यक्तिगत लाभ के लिए प्रतिशोध की राजनीति कर रहे हैं और पार्टी की लोकप्रियता पर बट्टा लगा रहे हैं, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ बल्कि उनकी गतिविधिया कई गुना बढ़ गई।

विधायक ने कहा, “त्रिपुरा के लोग भगवा कैडरों के कुशासन और अत्याचारों से पीड़ित रहे हैं और राज्य प्रशासन तथा पुलिस ने कुछ नहीं किया और अब यह दर्द असहनीय हो गया है, जल्द ही हम अपने भविष्य पर फैसला लेंगे।’

उन्होंने कहा, “ गलतियां मानव जीवन का एक हिस्सा हैं। हमने भी गलतियां की हैं। लेकिन, जीवन का उद्देश्य गलतियों को सुधारना होना चाहिए। हम भी उसी रास्ते पर हैं। उन्होंने कहा “हम अपनी गलतियों को सुधार रहे हैं और मैं लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए बेगुनाह और मजबूर लोगों की आवाज बनने का पुरजोर आह्वान करता हूं।”

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