लखनऊ में बोले टिकैत ‘ये मंडी की जमीन बेचने में लगे हैं और आप हिन्दू-मुसलमान, और जिन्ना में उलझे हुए हैं।’

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नयी दिल्लीः संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तेले बुधवार को लखनऊ में आयोजित किसानों की महापंचायत में हजारों की तादाद में किसान पहुंचे। किसानों की इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल की कीमत प्रधानमंत्री के माफी मांगने से नहीं बल्कि एमएसपी पर कानून बनने से मिलेगी। टिकैत ने आह्वान किया कि ये मंडी की जमीन बेचने में लगे हैं और आप हिन्दू-मुसलमान, सिख-हिन्दू और जिन्ना में उलझे हुए हैं।

किसान नेता राकेश टिकैत  ने कहा कि एक हमें अपने मकसद में कामयाब होने में लगभग एक साल इंतजार करना पड़ा लेकिन हमने हमेशा संयमित भाषा का इस्तेमाल किया और अपने आंदोलन को हिंसा से दूर रखा। लेकिन दिल्ली की चमकीली कोठियों में बैठने वालों की भाषा दूसरी थी। हमें 12 महीने लगे अपनी बात समझाने में की इस कानून से नुकसान होगा। जब उन्होंने सर्वे कराया तो ये बात उनकी समझ में भी आ गया कि किसान इस कानून के खिलाफ क्यों हैं?

खत्म नहीं होगा आंदोलन

राकेश टिकैत ने कहा कि ये आंदोलन अभी ख़त्म नहीं होगा। 27 नवंबर को हमारी बैठक है जिसके बाद हम आगे के निर्णय लेंगे। मोदी जी ने कहा है कि 1 जनवरी से किसानों की आमदनी दोगुनी हो जाएगी तो हम पूछेंगे कि कैसे दोगुनी होगी। किसानों की जीत तब होगी जब उन्हें अपनी फसलों के दाम मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों का नुकसान हुआ है और MSP की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? MSP पर पक्का गारंटी कार्ड लेकर जाएंगे।

राकेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कटाक्ष के साथ कानून वापस लेने की घोषणा की, जैसे कोई लड़ाई करके ‘गाली’ देते हुए भागता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को समझाने में नाकाम रहे, देश से माफी भी मांगी। टिकैत ने कहा कि जब प्रधानमंत्री गुजरात में मुख्यमंत्री थे तो एक कमिटी के अध्यक्ष थे जिसमें तमाम मुख्यमंत्री थे। तब इन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को रिपोर्ट देकर एमएसपी लागू करने की बात कही थी। वो आज भी प्रधानमंत्री कार्यालय पीएमओ में रखी है। हम बस इतनी सी मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री अपनी ही कमिटी की रिपोर्ट लागू कर दें।

स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करें मोदी

टिकैत ने कहा कि इन्होंने अपने घोषणापत्र में कहा स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करेंगे। झूठ बोलकर चुनाव जीता फिर उसे लागू नहीं किया। पहले 3 क्विंटल गेहूं में एक तोला सोना आता था, आज भी तीन क्विंटल गेहूं में हमें दो तोला सोना दे दो तो हम कानून का स्वागत करेंगे। पूरा देश प्राइवेट मंडी बनने जा रहा है, आपको जागना होगा। ये आपको कहते है कि मंडी के बाहर अपना अनाज बेचो। इसका मतलब जब मंडी कमजोर होगी तो कहेंगे आमदनी नहीं, कीमतें गिरा कर अनाज बेच दो। ये मंडी की जमीन बेचने में लगे हैं और आप हिन्दू-मुसलमान, सिख-हिन्दू और जिन्ना में उलझे हुए हैं।

 

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