UAE की प्रिंसेज ने सुधीर चौधरी को बताया पाखंडी, तिहाड़ी, कहा ऐसे नफरतबाज आतंकी की मेरे देश में…

जी न्यूज़ के विवादास्पद एंकर सुधीर चौधरी को दुबई में एक कार्यक्रम में बुलाए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूएई की राजकुमारी ने सुधीर चौधरी समेत नफरत फैलाने वाले लोगों के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। उन्होंने एक बार फिर उस संस्था से सवाल किया है जिसने सुधीर चौधरी को दुबई में आयोजित अपने कार्यक्रम में बतौर स्पीकर आमंत्रित किया था।

यूएई की प्रिंसेज शेख हेंड फैसल अस कस्सेमी ने एक ट्वीट कर सवाल किया कि क्या आप सुधीर चौधरी को विशिष्ट सम्माननीय अतिथियों में देखते हैं? एक वार्षिक लेखा कार्यक्रम के लिए एक पूर्व अपराधी को कौन आमंत्रित करता है? वह पाखंडी, तिहाड़ी पैसे के लिये नफरत करता है और जहर उगलता है?

उन्होंने कहा कि चार्टेड अकाउंट्स के कार्यक्रम में भाग लेने वाले एक पूर्व-दोषी के लिए अमीराती पैसे का भुगतान करने की राक्षसी के बारे में सूचित करें। सुधीर चौधरी इस्लाम और मुसलमानों का अपमान कर रहे थे और ऐसे नफरत फैलाने वालों को कभी भी आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए।

यूएई की प्रिंसेज शेख हेंड फैसल अस कस्सेमी ने इस प्रकरण के बाद बताया कि हम #AngelsOfMercy बना रहे हैं जहां #UAE में किसी भी #Islamophobes को #कैप्चर किया जाएगा #डिपोर्ट किया जाएगा। उनके साथ जुड़े लोग भी जवाबदेह हैं। बोलने की आज़ादी और अभद्र भाषा के बीच एक महीन रेखा है। हम आजाज बहस को प्रोत्साहित करते हैं जबकि अभद्र भाषा हिंसा को उकसाती है।

प्रिंसेज शेख हेंड फैसल अस कस्सेमी ने कहा कि #AngelsOfMercy का काम #नफरत करने वालों को ढूंढना और उनके द्वारा पोस्ट की गई सामग्री का स्क्रीन शाट लेकर उनका पूरा नाम और संपर्क (ईमेल या इंस्टाग्राम या फेसबुक) पोस्ट करना है। यह सभी पर लागू होता है। उन्होंने बताया कि अमीरात में किसी को धमकाया नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूएई में कोई मुस्लिम, ईसाई, हिंदू नहीं – और रंगभेद वाले लोग भी नहीं।

प्रिंसेज शेख हेंड फैसल अस कस्सेमी ने नेल्सन मंडेला का एक कथन भी ट्वीट किया है, इसमें उन्होंने लिखा है कि “कोई भी व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से उसकी त्वचा के रंग, या उसकी पृष्ठभूमि, या उसके धर्म के कारण घृणा करने के लिए पैदा नहीं हुआ है। लोगों को नफरत करना सीखना चाहिए, और अगर वे नफरत करना सीख सकते हैं, तो उन्हें प्यार करना सिखाया जा सकता है, क्योंकि प्यार इंसान के दिल में इसके विपरीत की तुलना में अधिक स्वाभाविक रूप से आता है। ”

 

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