इस्लामोफोबिया और नफरत फैलाने वालें के ख़िलाफ और सख्त हुईं UAE की राजकुमारी, अब बनाने जा रहीं हैं एक ऐसा…

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नफरत और इस्लाफोबिया फैलाने वालों के ख़िलाफ यूएई की राजकुमारी के तेवर सख्त होते जा रहे हैं। वे लगातार सोशल मीडिया पर इस्लामोफोबिया से ग्रस्त लोगों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। इसी क्रम में उन्होंने अब वे एक नई शुरूआत करने जा रही हैं। एक ट्वीट में उन्होंने जानकारी दी है कि वे एक ऐसा ग्रुप बनाने जा रही हैं, जो नफरत और फेक न्यूज़ फैलाने को चिन्हित कर उसकी जानकारी राजकुमारी को देगा।

यूएई की प्रिंसेज शेख हेंड फैसल अस कस्सेमी ने ट्वीट कर कहा कि “नफरत करने वालों का शुक्रिया। हम एक ग्रुप बना रहे हैं जो संयुक्त अरब अमीरात में नफरत की घटनाओं पर हमें जानकारी देगा। इसे (नफरत) को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासतौर पर जो लोग हिंसा को बढ़ावा देते हैं और झूठी खबर को प्रसारित करते हैं। जो कोई भी बुराई के खिलाफ इस जंग में हमारे साथ शामिल होना चाहे (हो सकता है)। यह स्वयंसेवी आधार पर एक सेवा होगी।”

उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता में वह लोग आ गए हैं जो शांति के लिए खतरा हैं और खुलेआम इस्लाम और अरब अमीरात को बुरा कहते हैं जबकि वह यहीं रहते हैं। अरब अमीरात के बाहर मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है। सरल योजना और रणनीति यह है कि हमारे शांतिप्रिय नगरों में किसी भी नफरती को आप देखें और उसके हेट स्पीच का रिकॉर्ड सबूत हो तो मुझे बताएं।

शेख हेंड फैसल अस कस्सेमी ने कहा कि संयुक्त संयुक्त अरब अमीरात में हेट स्पीच पर प्रतिबंध है। यह कितनी शोक की बात है कि जो लोग यहां काम करने आते हैं तो वह उसी हाथ को कुचलना चाहते हैं जो इन्हें खाना खिलाता है। यह महत्वपूर्ण नहीं की कौन बोल रहा है, अगर आप अहसानफरामोश हैं तो बेहतर है यहां से छुटकारा ले लें।

यूएई की राजकुमारी शेख हेंड फैसल अस कस्सेमी ने कहा कि जो कोई भी घर में छुपे हुए दुश्मन से लड़ने में रुचि रखता है वह सिर्फ फोटो और वीडियो के रूप में हेट स्पीच के सुबूत भेजें जो संयुक्त अरब अमीरात की शांति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस आधार पर हम दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। निस्वार्थ भाव से काम करने वाले वकीलों की सलाह की भी आवश्यकता है जो अरब अमीरात के कानून के जानकार हों।

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