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कृषि सुधार क़ानून के ख़िलाफ जन आंदोलन खड़ा करेगी पीस पार्टी, 25 सितंबर से होगी शुरुआत

नई दिल्ली/लखनऊः केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि सुधार क़ानून के खिलाफ पीस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। पीस पार्टी के उत्तर प्रदेश मोहम्मद इरफान ने कहा कि हम इस काले क़ानून के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह क़ानून को उसी के खेत में ग़ुलाम बनाने वाला क़ानून है। मोहम्मद इरफान ने ये बातें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आयोजित भाई चारा सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि आने वाली 25 तारीख को इस क़ानून के खिलाफ पीस पार्टी के कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में प्रदर्शन करके ज्ञापन सौंपेंगे।

बता दें कि पीस पार्टी द्वारा आज बुलंदशहर में भाईचारा सम्मेलन रखा गया जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में प्रदेश प्रभारी इंजीनियर इरफान उपस्थित रहे। मोहम्मद इरफान ने कहा कि किसान विरोधी क़ानून के ख़िलाफ़ पीस पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में संघर्ष करेगी। ग़ौरतलब है कि बीते रोज़ 20 सितंबर को कृषि सुधार बिल राज्यसभा में पारित हो गया था, हालांकि इस दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ, लेकिन इसके बावजूद यह बिल पारित कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश प्रभारी मोहम्मद इरफान ने कहा कि प्रदेश में अब तक जितनी भी सरकारें रहीं हैं, सभी ने जनता का दमन किया है, सभी ने दमनकारी नीतियां अपनाईं हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन सरकारों से त्रस्त हो चुकी है, और अब वह बदलाव चाहती है। मोहम्मद इरफान ने कहा कि पीस पार्टी ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जो भाईचारा, और बराबरी की बात करती हैं, दमनकारी नीतियों का खुलकर सामना करती है। उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश की जनता को एक विकल्प देने जा रहे हैं।

पत्रकार वार्ता करते पीस पार्टी के प्रभारी मोहम्मद इरफान।

पीस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बनाया गया क़ानून पूरी तरह से किसान विरोधी है। यह क़ानून भारत में औपनिवेशवाद को बढ़ावा देने वाला क़ानून है। जिससे किसान अपने ही खेत में गुलाम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अभी भी किसानों को गुमराह कर रहे हैं कि एमएसपी मिलता रहेगा, लेकिन सवाल यह है कि वे बातें जिनका जिक्र प्रधानमंत्री द्वारा किया जा रहा है, वे इस बिल में क्यों नहीं हैं।

बुलंदशहर उपचुनाव पर टिकी हैं निगाहें

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बुलंदशहर विधानसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव होना है। इस चुनाव में पीस पार्टी की परीक्षा भी होनी है। दरअस्ल, पीस पार्टी द्वारा लगातार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पैंठ बनाने की कोशिशें तेजी से जारी हैं। लेकिन इस दौरान पार्टी अध्यक्ष का जेल में होना भी पीस पार्टी कार्यकर्ताओं के लिये तनावपूर्ण है। दरअस्ल पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 31 जुलई से लखनऊ की एक जेल में बंद हैं।

माना जा रहा था कि पार्टी के अध्यक्ष के जेल जाने के बाद पीस पार्टी संगठन निर्माण पर काम नहीं कर पाएगी, लेकिन पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। वे लगातार यूपी सरकार की आलोचना कर रहे हैं, और जनता के मुद्दे उठा रहे हैं। अब बुलंदशहर सीट पर होने वाले उप चुनाव पर पार्टी की परीक्षा होनी है। हाल ही में पीस पार्टी ने गुर्जर समाज में सेंधमारी की है। गुर्जर समाज के कई नेताओं ने पीस पार्टी का दामन थामा है।

जानकारी के लिये बता दें कि 20 सितंबर को पीस पार्टी के यूपी प्रभारी मोहम्मद इरफान की मौजूदगी एंव संजय गुर्जर की नेतृत्व में गुर्जर समाज के कई नेताओं ने पीस पार्टी की सदस्यता ली है। पीस पार्टी में शामिल हुए लोगों में देवेन्द्र गुर्जर, अतुल गुर्जर, अंकित गुर्जर, अभिषेक गुर्जर के नाम शामिल हैं। बुलंदशहर में आयोजित भाई चारा सम्मेलन में फारूख मेवाती, खुर्शीद आलम, भूरे निडोरी समेत पीस पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ता एंव पदाधिकारी शामिल रहे।

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