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डॉक्टर अय्यूब की रिहाई के लिये पीस पार्टी ने चलाया हस्ताक्षर अभियान, जेल भरो आंदोलन की भी तैय्यारी

नई दिल्ली/ग़ाज़ियाबादः पीस पार्टी अध्यक्ष डॉक्टर अय्यूब रासुका के तहत जेल में बंद हैं. उनकी रिहाई के लिये पार्टी कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान शुरु किया है। यह अभियान उत्तर प्रदेश के हर जिले में चलाया जाएगा। पीस पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी मोहम्मद इरफान ने पत्रकारों को बताया कि मौजूदा सरकार सत्ता के अहंकार में चूर होकर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से डॉ. अय्यूब पर रासुका लगाया गया है वह पूरी तरह असंवैधानिक है।

गाज़ियाबाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पीस पार्टी यूपी प्रभारी एंव डॉक्टर अय्यूब के पुत्र मोहम्मद इरफान ने कहा कि जिस तरह से एक विपक्षी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को यूपी सरकार द्वारा फर्जी मुक़दमे में फंसाया गया है, वह लोकतंत्र के ख़िलाफ है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर अय्यूब सिर्फ एक राजनेता ही नहीं हैं, बल्कि वे देश के जाने माने डॉक्टर भी हैं. जिनके नाम कई अंतर्राष्ट्रीय कीर्तीमान भी हैं। लेकिन यूपी सरकार ने कोरोना काल में ऐसे होनहार डॉक्टर पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाकर उन पर रासुका लगाई, और उन्हें जेल में बंद किया हुआ है।

पीस पार्टी के नेता मोहम्मद इरफान ने बताया कि पीस पार्टी द्वारा प्रदेश भर से डॉक्टर अय्यूब की रिहाई के लिये दस हज़ार हस्ताक्षर कराए जाएंगे, जिन्हें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में डॉ. अय्यूब की लोकप्रयिता तेज़ी से बढ़ रही है। पश्चिमांचल मोर्चा के अध्यक्ष सतपाल यादव ने पीस पार्टी को समर्थन दिया है औक संजय गुर्जर, सुबोध त्यागी जी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

पीस पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि पीस पार्टी प्रदेश के सभी जनपदों में डॉक्टर अय्यूब की रिहाई के लिये हस्ताक्षर अभियान चलाएगी, इसके बाद भी अगर डॉक्टर अय्यूब को रिहा नहीं किया जाता है तो फिर पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीस पार्टी के कार्यकर्ता पहले तो हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे, उसके बाद पीस पार्टी का एक एक कार्यकर्ता गिरफ्तारी देगा।

ग़ौरतलब है की पीस पार्टी अध्यक्ष डॉक्टर अय्यूब सर्जन को 31 अगस्त की रात को यूपी पुलिस ने गोरखपुर के बड़हलगंज से देर रात गिरफ्तार किया था। उन्हें गिरफ्तार करके पहले लखनऊ लाया गया, फिर उन्हें जेल भेज दिया गया, और कुछ रोज़ बाद उन पर एनएसए लगा दिया गया। डॉक्टर अय्यूब पर आरोप है कि उन्होंने संविधान विरोधी विज्ञापन उर्दू अख़बार में प्रकाशित कराया था। पीस पार्टी प्रवक्ता शादाब चौहान ने आरोपों को खारिज किया है, उन्होंने कहा कि अहकमाम ए इलाही हमारी धार्मिक शब्दावली है लेकिन सरकार ने उसे समझे बिना ही हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जेल में डाल दिया।