नोवाक जोकोविच: दुनिया के नंबर नवन टेनिस खिलाड़ी को डिटेंशन सेंटर में बैठाने से क्यों बढ़ा दो देशों में तनाव!

दुनिया का नंबर वन टेनिस खिलाड़ी जो 20 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुका है वह अपना 21वा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के लिये आस्ट्रेलिया जाता है अगर वह इस बार आस्ट्रेलियन ओपन जीत ले तो वह टेनिस जगत का सर्वकालिक महान खिलाड़ी बन जाएगा क्योंकि इतने खिताब किसी टेनिस खिलाड़ी नही जीते हैं। लेकिन जैसे ही वह आस्ट्रेलिया पुहंचता है उसे जेल में डाल दिया जाता है. कारण सिर्फ इतना है कि उसने अपने वैक्सीन स्टेटस की जानकारी नहीं दी वह कहता हैं कि ‘MY Body My Choice’ यहाँ हम कोई फ़िल्म या वेबसीरिज की स्टोरी नही सुना रहे हैं यह बिल्कुल सच्ची घटना है जो टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच के साथ इस वक्त ऑस्ट्रेलिया में घटी है आप जिस वक्त यह पोस्ट पढ़ रहे हैं उस वक्त नोवाक जोकोविच आस्ट्रेलिया के डिटेंशन सेंटर में एक अंधेरे बदबूदार कमरे में बैठे हुए हैं.

हिंदी मीडिया इतना घटिया हो गया है कि खेल जगत की इस सबसे बड़ी खबर पर कुंडली मारकर बैठ गया है, जबकि इस वजह से सर्बिया ( नोवाक जोकोविच का देश ) और ऑस्ट्रेलिया के बीच राजनयिक तनाव पैदा हो गया है सर्बियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वूसिक ने कहा, पूरा देश टेनिस स्टार के समर्थन में साथ है, हमारे अधिकारी सभी उपाय कर रहे हैं, जिससे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टेनिस खिलाड़ी के साथ दुर्व्यवहार जल्द से जल्द खत्म हो सके।

दरअसल ऑस्ट्रेलियाई सरकार का यह फैसला पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है, यह कोरोना फासीवाद है. कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर दुनिया भर में लोगो की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अपहरण किया जा रहा है. सबसे बड़ी बात तो यह है कि नोवाक जोकोविच को ऑस्ट्रेलिया सरकार ने खुद वीजा दिया था टेनिस ऑस्ट्रेलिया ने भी इस बात की पुष्टि की कि दो अलग-अलग स्वतंत्र पैनलों की समीक्षा के बाद जोकोविच को टीकाकरण के मामले में मेडिकल छूट दी थी। कुल 26 एथलीट्स को छूट दी गई है. लेकिन जब नोवान मेलबर्न पहुंचे तो अधिकारियों ने पाया कि उनकी टीम ने वैक्सीन ना लगाने को लेकर मेडिकल छूट देने वाले वीजा के लिए अनुरोध ही नहीं किया उन्होंने अपनी कोविड-19 टीकाकरण स्थिति का खुलासा करने से इंकार कर दिया.

पिछले साल नोवाक जोकोविच ने एक फेसबुक चैट के दौरान कहा कि उन्हें यह बात पसंद नहीं कि टेनिस खेलने के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाना पड़ेगा। यह उनका पर्सनल मामला है। इसका टेनिस से कुछ भी लेना नहीं। टीका लगवाना है या नहीं, यह लोगों की मर्जी होनी चाहिए। इसके लिए किसी को मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। नोवाक जोकोविच बिल्कुल ठीक कह रहे हैं उनके देश सर्बिया में भी टीके लगवाने या न लगवाने की स्वतंत्रता नागरिकों को दी गई है और उनकी इस स्वतंत्रता का पूरा सम्मान किया गया है.

सर्बिया के लोग पूरी तरह से जोकोविच के साथ है उनका कहना है कि अगर जोकोविच छूट नहीं दी जाती, तो वह कभी भी विमान में नहीं चढ़ता। लेकिन उसके आस्ट्रेलिया पुहचने पर, उसे अलग-थलग कर दिया गया। वह एक डिटेंशन सेंटर में है। यह किसी के साथ व्यवहार करने का तरीका नहीं है, वो ऑस्ट्रेलिया में नौ बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत चुका है आप चेम्पियन के साथ ऐसा व्यहवार नही कर सकते. जोकोविच के साथी सर्बियाई खिलाड़ी ने बयान दिया है कि अगली बार से कोई आपसे बोले कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए तो छह जनवरी 2022 को याद रखना जब विशुद्ध राजनीतिक अहंकार की वजह से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को प्रवेश नहीं दिया.

सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में, जोकोविच के पिता स्टर्जन ने देश की संसद के सामने सैकड़ो लोगो के साथ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, “ये सिर्फ़ नोवाक की लड़ाई नहीं है ये पूरी दुनिया की लड़ाई है.’

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं)

Girish Malviya

Girish Malviya is Independent journalist & Economist Expert.

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