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कोई भी सब्सिडी रोजगार का विकल्प नही हो सकता: अनिल भारद्वाज

नई दिल्लीः  दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक तथा मुख्यमंत्री के पूर्व संसदीय सचिव अनिल भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में यात्राओं का दौर चल रहा है, भाजपा ‘‘जन आर्शीवाद यात्रा’’ और आम आदमी पार्टी ‘‘तिरंगा यात्रा’’ अपनी प्रशासनिक और प्रबंधन की विफलताओं को छिपाने के लिए निकाल रही है क्योंकि केन्द्र और दिल्ली सरकार ने अपने 7 वर्षों के कार्यकाल में देश की नई पीढी की बेरोजगारी की पीड़ा को मिटाने में पूरी तरह विफल साबित रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री केजरीवाल लोगों को हर क्षेत्र में सब्सिडी देने की बात करते है परंतु सब्सिडी रोजगार का विकल्प नही बन सकती। संवाददाता सम्मेलन में श्री अनिल भारद्वाज के साथ दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता धवन और दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्री रणविजय सिंह लोचव भी मौजूद थी।

संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए अनिल भारद्वाज ने कहा कि अंहकारी व असंवेदनशील सरकारों ने एलपीजी सिलेंडर पर 25 रुपये बढ़ोत्तरी कर मंहगाई का बम्ब फोड़कर गृहणी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने भाजपा को दो बार लगातार 7 सांसद दिए, 15 वर्षों से निगम में बहुमत में है, और केजरीवाल को तीन बार मुख्यमंत्री बनाया। अब ये आर्शीवाद मांगने से पहले यह बताऐं कि इन्होंने दिल्ली की जनता को क्या दिया। उन्होंने कहा कि कोविड कुप्रबंधन के कारण दिल्ली में कोविड मरीजों और मृतकों में पहले नम्बर पर पहुच गई जबकि केजरीवाल ने अपने आपको असहाय बताकर सब कुछ भगवान भरोसे छेड़ दिया।

अनिल भारद्वाज ने कहा कि बढ़ती कमरतोड़ मंहगाई और बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि केजरीवाल मनरेगा क तर्ज पर शहरी गांरटी कानून योजना को तुरंत लागू करे तथा बेरोजगार शिक्षित युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।

अनिल भारद्वाज ने कहा कि दोनो सरकारों के 7 वर्षों के शासन में बेरोजगारी दर अधिकत ऊंचाईयों पर पहुंचने के साथ-साथ मंहगाई आसमान छू रही है। भाजपा की केन्द्र सरकार क्या लोगों से किए गए झूठे वायदों के लिए आर्शीवाद मांग रही है जिन्हें पूरा करने के लिए कोई योजना ही नही बनाई। उन्होंने कहा भाजपा के कार्यकाल में बेरोजगारी दर पिछले 45 वर्षों में सबसे अधिक उॅचाईयों पर है, जबकि सत्ता में आने से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष और केजरीवाल ने 8 लाख रोजगार देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार की अदूरदर्शिता और गलत नीतियों के कारण व्यापारिक संस्थान, हाउस होल्ड इंडस्ट्री, छोटे-बड़े उद्योग धंधों की इकाईयां या तो बंद हो गई या बंद होने की कगार पर है। जिसके चलते रोजगार लगभग खत्म हो चुके है, जबकि पहले राजधानी दिल्ली में लोग हजारों किलोमीटर चलकर रोजगार के लिए आते थे और लोगों को रोजगार मिल जाता था। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में केजरीवाल ने एक भी मॉडल केरियर सेंटर और जॉब आरिऐंटेड कॉलेज नही खोले हैं।

अनिल भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के युवाओं को रोजगार देने में असफल केजरीवाल सरकार विज्ञापन की सरकार है, पिछले 6 वर्षों में अगस्त 2020 तक सिर्फ 440 लोगों को रोजगार दिया है, जबकि रोजगार देने वाले विभाग में 84 प्रतिशत पद खाली पड़े है। उन्होंने कहा कि खोखली केजरीवाल सरकार ने रोजगार बाजार पोर्टल पर 49 लाख जॉब होने का दावा करते हुए 51,243 कम्पनियों को रजिस्टर किया। जिसमें केवल 13.27 लाख युवाओं ने आवेदन किया परंतु एक भी युवा को जॉब नही दिया गया। उन्होंने कहा कि unskilled labour को प्रतिमाह 15,908 रुपये न्यूनतम वेतन निश्चित है क्या केजरीवाल सरकार द्वारा बिजली पर अधिकतम 800 रुपये की सब्सिडी देने से इस मजदूर का घर चल सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी और केजरीवाल सरकार दोनो रोजगार देने में विफल साबित हुई है।

अनिल भारद्वाज ने कहा कि कोविड महामारी से त्रस्त जनता को मोदी सरकार ने कमरतोड़ मंहगाई करके बदहाल बना दिया है। पिछले 4 महीनों 42 बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल-डीजल की दरें आसमान छू रही है और घरेलू रसोई गैस की दरों ने गृहणी का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने के लिए केन्द्र सरकार को पेट्रोल डीजल पर एक्साईज़ ड्यूटी और दिल्ली सरकार को वेट की दरों में कटौती करे ताकि मंहगाई के साथ-साथ बेरोजगारी की मार झेल रही दिल्ली की जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने 7 सालों में 25 हजार करोड़ रुपये वेट के जरिए राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से प्रभावित शहरों में नम्बर एक पर राजधानी रही, परंतु केजरीवाल सरकार ने मंहगाई को कम करने के लिए कोई कदम नही उठाया और रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के दामों सहित एक साल में खाद्य तेलों की कीमतें प्रति लीटर लगभग 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता धवन और प्रदेश युवा कांग्रेस रणविजय सिंह ने कहा कि दिल्ली को वर्ल्ड क्लॉस शहर बनाने का सपना दिखाने वाले केजरीवाल ने राजधानी का थर्ड क्लास बना दिया है, रोजगार देने के लिए 7 वर्षों में कोई प्लेटफॉर्म नही बना सके, जबकि युवाओं को रोजगार देने का वायदा करके सत्ता में आए। उन्होंने कहा कि क्या रोजगार के लिए उन्होंने कोई विज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मंहगाई और बेरोजगारी का सबसे पहले गृहणी की रसोई पर पड़ता है जिसके पूरे परिवार की अजीविका खतरे में पड़ती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्ष में जनवरी से आज तक रसोई गैस सिलेंडर पर 165 रुपये बढ़ोतरी के साथ रसोई गैस 859.50 का हो गया है। उन्हांने कहा कि दिल्ली की कांग्रेस सरकार ने राजधानी को किरोसीन मुक्त शहर बनाया था आज लोग किरोसीन का इस्तेमाल करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और केन्द्र सरकार को मंहगाई पर रोकथाम लगाने के लिए पेट्रोल-डीजल पर एक्साईज ड्यूटी और वेट में कटौती करनी चाहिए ताकि लोगों को मंहगाई से राहत मिल सके।