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जड़ों से जुड़ाव: अपने शुरुआती कोच नसीम अहमद के पैर छूकर बोले नीरज चोपड़ा ‘मेडल आपकी देन’

हर खिलाड़ी की ख्वाइश रहती है कि वह सफलता की ऊंचाईयों को छुए, लेकिन तक़दीर हर किसी के साथ नहीं होती, कुछ ही लोग सफलता के आसमान पर छा पाते हैं। इसमें कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं जो सफलता की ऊंचाईयों पर छा जाने के बावजूद अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं। हाल ही में ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास दर्ज करने वाले नीरज चोपड़ा भी उन्हीं में से एक हैं।

नीरज अपने बिजी शिड्यूल में से टाइम निकालकर चंडीगढ़ आए और मुख्यमंत्री-राज्यपाल के साथ साथ अपने शुरुआती कोच नसीम अहमद से भी मुलाक़ात की, नीरज ने कोच के साथ बहुत सी पुरानी बातें याद कीं और जल्दी ही मिलने का भी वादा किया। नीरज के कोच नसीम अहमद  ने कहा कि ये मेरे लिए सपना सच होने जैसा है।

मेरे हाथों में थमाया मेडल

नीरज चोपड़ा के शुरुआती कोच रहे नसीम अहमद ने बताया कि नीरज ने मेरे पैर छूए और मेडल मेरे हाथों में थमा दिया। एक कोच के लिए इससे बड़ा मौका क्या हो सकता है। बक़ौल नसीम अहमद, नीरज ने कहा कि ये आपकी ही देन है, आपने मेरे मेडल की खुशी ताऊ देवीलाल स्टेडियम में पूरे जोश के साथ मनाई। नीरज ने अपने जेवेलिन थ्रो करियर की शुरुआत पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम से की थी।

शुरुआती दिनों में नसीम अहमद ने नीरज को प्रशिक्षण गिया था, नसीम ने नीरज से कहा कि हम तुझे बहुत याद कर रहे थे और सोच रहे थे कि मिलने का मौका कब मिलेगा। इस पर नीरज ने कहा कि मैं जरूर थोड़ा लेट हो गया हूं लेकिन मैं सबसे मिलूंगा।

सभी से स्टेडियम में आकर मिलूंगा

सफलता के शिखर पर पहुंचकर भी नीरज चोपड़ा कुछ भी नहीं भूले हैं, वे आज भी वैसे के वैसे ही हैं। ओलंपिक में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले नीरज ने कहा कि मैं अपने साथियों से ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आकर मिलना चाहता था, लेकिन अभी शेड्यूल बहुत टाइट है। मैं उसी ट्रैक पर आना चाहता हूं और हॉस्टल में बैठकर सभी से मिलना चाहता हूं। मुझे आपसे (नसीम अहमद), कश्मीरी लाल (कुक) और धर्मवीर-शिवदत्त (हेल्पर) सभी से मिलना है। आपका मेरी कामयाबी में बड़ा योगदान है, मैं जल्दी ही आप सभी से मिलने आऊंगा।

मुख्यमंत्री चाहते हैं एक्सीलेंस सेंटर को हेड करें नीरज

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नीरज चोपड़ा के साथ मुलाकात की और कहा कि मैंने ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज को ओलिंपिक के लिए एथलीट्स को तैयारी करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का नेतृत्व करने को कहा है। हम चाहते हैं कि हरियाणा स्पोर्ट्स हब बनकर तैयार हो। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं, नीरज ने कहा कि मैं हरियाणा में ओलिंपिक के लिए एथलीटों को तैयार करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का हेड बनने के बारे में सोचूंगा। अभी मेरा लक्ष्य अगले साल विश्व चैंपियनशिप में मेडल लाना है।

टूट गया भ्रम

टोक्यो ओलंपिक में जब नीरज पदक से दूर थे, तो तभी स्थानीय अख़बारों में नीरज के शुरुआती कोच नसीम अहमद के बयान प्रकाशित होना शुरु हो गए थे। नसीम अहमद ने उम्मीद ज़ाहिर कर दी थी कि नीरज चोपड़ा गोल्ड मेडल जीतकर लाएंगे, आख़िरकार नीरज उनकी उम्मीदों पर पूरे उतरे और भारत को ओलंपिक में गोल्ड मेडल दिलाया। नीरज की इस सफलता के बाद उनके गुरु नसीम अहमद की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरु हो गईं, लेकिन कुछ लोगों ने दावा किया कि नसीम अहमद नीरज के कोच नहीं हैं। अब नीरज ने अपने गुरु नसीम अहमद से मुलाक़ात कर उन तमाम दावों को गलत साबित कर दिया है जिसमें नसीम अहमद को नीरज का कोच होने से इनकार किया जा रहा था।

अपने गुरु नसीम अहमद से मुलाक़ात पर युवा पत्रकार काविश ने उन लोगों पर तंज किया है जो नसीम अहमद को नीरज का कोच मानने से इनकार कर रहे थे। काविश ने नीरज और नसीम अहमद की मुलाक़ात की तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा कि हां तो वो लोग कहाँ है जो दावा कर रहे थे कि नीरज चोपड़ा के गुरु नसीम अहमद नही है ओलम्पिक जीत कर आने के बाद नीरज अपने गुरु नसीम से मिले।

Ashraf Hussain
Ashraf Hussain is an independent Journalist who reports on Hate crimes against minorities in India. He is also a freelance contributer for digital media, apart of this, he is a social media Activist, Content Writer and contributing as Fact Finder for different news website too.
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