नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र आने वाले समय में राष्ट्रीय महत्व का केन्द्र बनेगा: यूजीसी पूर्व अध्यक्ष वीएनआर पिल्लई

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नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र एवं युवा भारती ट्रस्ट के संयुक्त नई दिल्ली के चंद्रशेखर भवन स्तिथ अध्ययन केंद्र का दौरा यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद, के पूर्व कार्यकारी निदेशक; इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय, मुम्बई के कुलपति प्रो वीएन राजशेखरन पिल्लई ने किया।

अध्ययन केंद्र के अभिरक्षक एवं युवा भारती ट्रस्ट के सचिव प्रो एच एन शर्मा के अनुपस्थिति में नमो केन्द्र के सभापति प्रो जसीम मोहम्मद ने उनका स्वागत किया। उन्हे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर जी की पुस्तक भेंट कर, उनके सोच और विचारों से अवगत करवाया।

प्रो जसीम मोहम्मद ने यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो वीएनआर पिल्लई को बताया की अध्ययन केन्द्र का मूल उद्देश्य, अभिनव विचारो और विचारों को शुरू करने के लिए उत्कृष्टता का केन्द्र बनाना है जो वैश्विक मामलो में अपनी नियत भूमिका निभाते हुए एक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध भारत का नेतृत्व कर सकता है।

प्रो वीएनआर पिल्लई ने अध्ययन केंद्र द्वारा दिया गया अध्य्यन सामग्री को देखते हुए कहा की, देश में समाजसेवी संस्था बनती है और सरकारी एवं गैर सरकारी योजनाओं लेने की होड़ में सीमित हो जाती हैं और व्यक्ति विशेष की होकर रह जाती है। नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र की दूरदर्शिता और मिशन को देखते हुए कह रहा हूं कि, ये देश में राष्ट्रीय महत्व का केन्द्र बनेगा। जो प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के विज़न को सही रूप रेखा देगा। सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय, मुम्बई  द्वारा नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र व युवा भारती ट्रस्ट के साथ अनुसन्धान के क्षेत्र में शैक्षणिक अनुसंधान समझौता किया जाएगा।

प्रो जसीम मोहम्मद में विस्तृत से बताया की यह प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करने के लिए भारत में सर्वश्रेष्ठ दिमागों को एक साथ लाने का प्रयास करेगा; उन पहलों को बढ़ावा देगा जो शांति और वैश्विक सद्भाव के लिए आगे बढ़ें। भारत की एकता और अखंडता को प्रभावित करने वाली सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रवृत्तियों की निगरानी करेगा। भारत के प्रत्येक जनपद में “नमो केंद्र” स्थापना किया जाएगा।

अकादमिक अनुसंधान निदेशक प्रो दिव्या तंवर ने नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया की ये एक स्वतंत्र, गैर-पक्षपाती संस्थान है जो गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और गहन अध्ययन को बढ़ावा देता है और संवाद और संघर्ष समाधान के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है। यहां पुर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर जी के राजनितिक सोच पर विशेष शोध भी होंगे।

इस मौके पर उन्होंने अध्ययन केंद्र में चला रहे निर्माण कार्य का भी जायज़ा लिया। डॉक्टर दौलत राम, रेहाना रहीम मौजूद थे।

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