MSO की मांग ‘असम घटना के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवज़ा और दोषियों को सख़्त सज़ा दी जाए’

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नई दिल्ली: भारत के सबसे बड़े छात्रों और युवाओ के सगठन मुस्लिम स्टूडेंट्स ओर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया ने असम में के दारंग में दो मुस्लिम युवकों की पुलिस गोलीबारी में हुई मौत की कड़ी निंदा की है और इसे द्वारा प्रायोजित हत्या करार दिया है। वहीं युवक के शव के साथ बर्बरता करने वाले पत्रकार को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।

एमएसओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शुजात अली कादरी ने कहा कि असम में मुस्लिम युवक की लाश को रौंदना, उसपर कूदना ये सांप्रदायिक सोच और नफरत का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी समाजों के लिए होती है। जब नागरिकों का दावा है कि वह पिछले 60-70 सालों से वहां रह रहे थे, तो सरकार गरीबी कल्याण कार्यक्रम के तहत उन गरीबों को जमीन पर पट्टा का आवंटन कर उन्हें बसा सकती थी, जैसा कि यूपी और बिहार सहित दूसरे राज्यों में भूमिहीन गरीबों के साथ होता है। लेकिन वर्तमान सरकार सांप्रदायिक नजरिए से काम कर रही है।

शुजात अली कादरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ उनकी पार्टी द्वारा शासित राज्यों में नागरिकों के खिलाफ इस तरह के वहशीपन घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। तो सवाल उठता है कि आखिर कोई विश्वास करे तो कैसे करे। कादरी ने कहा कि आजादी के 75वें स्वतंत्रता दिवस को अमृत महोत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ समाज को झकझोरने वाले ऐसी घटनाएं देश के कोने-कोने में हो रही है, तो ऐसे मातमी माहौल में अमृत महोत्सव का क्या तात्पर्य बनता है।

वहीं असम की घटना पर पाकिस्तान द्वारा भारतीय राजनयिक को तलब किए जाने पर कादरी ने पाकिस्तान की इमरान खान सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि असम की घटना हमारे देश का अंदरूनी मसला है, इसपर पाकिस्तान और दूसरे देशों को बोलने का हक नहीं है, खासतौर पर पाकिस्तान जैसे देशों को, जहां अल्पसंख्यक खुद प्रताड़ित हैं। उन्होंने पाकिस्तान को अपने देश में रहने वाले अल्पसंख्यकों के हालात को बेहतर करने का सुझाव दिया।

साथ ही कादरी ने मुस्लिम युवाओ से अपील की कि उनको भारत के संविधान ने विरोध का एक लोकतान्त्रिक अधिकार दिया है जिसके दाएरे मे रहकर वो ज़रूर विरोध दर्ज कराएं लेकिन समाज के बीच नफरत और घृणा फैलाने वालों से सावधान रहें और ऐसे संगठनो को अपने बीच कोई स्थान न दें।

एमएसओ के अध्यक्ष ने कहा कि एमएसओ का एक दल जल्द ही घटना स्थल जाएगा और हालात का जाएजा लेगा उसके बाद राज्य के मुख्य मंत्री और डीजीपी से भी मुलाकात करेगा।

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