जामिया में आईआईटी मद्रास और आईएनएमएस के सहयोग से “मेमोरी, कॉग्निशन, लिटरेचर” कार्यशाला का आयोजन

अंग्रेजी विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने सेंटर फॉर मेमोरी स्टडीज, आईआईटी मद्रास, सेंटर फॉर कंटिन्यूइंग एजुकेशन (सीसीई) आईआईटी मद्रास, तथा इंडियन नेटवर्क फॉर मेमोरी स्टडीज (आईएनएमएस) के सहयोग से 9 से 12 नवंबर, 2021 तक जूम पर “मेमोरी, कॉग्निशन, लिटरेचर” कार्यशाला का आयोजन किया। इस अंतःविषय कार्यशाला का उद्देश्य स्मृति, अनुभूति और साहित्य के संदर्भ को उनके संबंधित प्रतिनिधित्वात्मक, भावात्मक और सामाजिक-विवेकपूर्ण आयामों में जांचना था।

कार्यशाला का समन्वय डॉ. अविषेक पारुई और डॉ. मेरिन सिमी राज, सेंटर फॉर मेमोरी स्टडीज, आईआईटी मद्रास और प्रोफेसर सिमी मल्होत्रा, अध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग, जामिया द्वारा किया गया। कार्यशाला में दुनिया भर से और विभिन्न टाइम जोन से बड़ी संख्या में शोधार्थियों, छात्रों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का उद्घाटन 9 नवंबर, 2021 को शाम 5:30 बजे भारतीय समय अनुसार प्रोफेसर ज्योतिर्मय त्रिपाठी, अध्यक्ष, एचएसएस, आईआईटीएम द्वारा किया गया, जिन्होंने सहयोगी कार्यशाला और समकालीन समय के लिए इसके महत्व के बारे में बात की। इसके बाद संकाय समन्वयकों, डॉ अविषेक पारुई, डॉ मेरिन सिमी राज और प्रोफेसर सिमी मल्होत्रा द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य वक्ताओं: प्रोफेसर एस्ट्रिड एर्ल, गोएथे विश्वविद्यालय, फ्रैंकफर्ट मेमोरी स्टडीज प्लेटफॉर्म, प्रोफेसर फ्रिट्ज ब्रेथौप्ट, इंडियाना यूनिवर्सिटी ब्लूमिंगटन, प्रोफेसर अलेक्जेंडर ईस्टन, डरहम विश्वविद्यालय, प्रोफेसर साइमन जेम्स, डरहम विश्वविद्यालय, डॉ विष्णु श्रीकुमार, आईआईआईटी हैदराबाद, और थिरुकुमारन सरवनन, एक्सआर लैब्स द्वारा परिचयात्मक चर्चाओं के साथ किया गया|

अगले तीन दिनों के दौरान, कार्यशाला में डॉ. अविषेक परुई, डॉ. मेरिन सिमी राज और प्रोफेसर सिमी मल्होत्रा के साथ चार शोधकर्ताओं के गोलमेज सत्र के साथ-साथ डॉ अविषेक पारुई द्वारा “व्हाट इस मेमोरी स्टडीज?” पर मुख्य सत्र शामिल थे।

“मेमोरी स्टडीज, हिस्टोरियोग्राफी एंड डिजिटल ह्युमेनीटीज़” पर डॉ. मेरिन सिमी राज; “हाउ इमोशंस इन नेरेटिव्स आर रिमेम्बर्ड” पर प्रोफेसर फ्रिट्ज ब्रेथौप्ट; ” अंडरस्टैंडिंग द रोल ऑफ़ कॉन्टेक्स्ट इन मेमोरी: ए मल्टीस्केल अप्रोच” पर डॉ. विष्णु श्रीकुमार; “डिकेंस, ऑटोबायोग्राफिकल मेमोरी एंड मेंटल टाइम ट्रेवल” पर प्रोफेसर साइमन जेम्स; “मेमोरी फॉर इवेंट्स अक्रोस एनिमल, चिल्ड्रेन एंड एडल्ट्स” पर प्रोफेसर अलेक्जेंडर ईस्टन; “हाईटेनिंग द ट्रिप डाउन हिस्ट्री विद एक्सटेंडेड रियलिटी एक्सपीरियंसेस” पर थिरुकुमारन सरवनन; “व्हाई मेमोरी स्टडीज नीड्स द कॉग्निटिव साइंसेज: बियॉन्ड ‘टू कल्चर्स'” पर प्रोफेसर एस्ट्रिड एर्ल ने वक्तव्य दिए| सभी सत्रों में ज्ञानवर्धक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर चर्चाएं भी हुई।

कार्यशाला का समापन फैकल्टी कोऑर्डिनेटर की टिप्पणी और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसमें अमेरिका, जर्मनी और क्रोएशिया सहित भारत और दुनिया भर के 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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