चर्चा में

मजदूरों के लिये सबसे ज्यादा भयावह रहा 11 मई का दिन, अलग अलग दुर्घटनाओं में क़रीब 15 मजदूरों ने गंवाई जान

कृष्णकांत

कोई कमाने के लिए शहर जाता है तो इस उम्मीद से नहीं जाता कि अब कभी नहीं लौटेगा. वह परिवार को उम्मीद देकर जाता है कि पैसा कमाएगा और परिवार का बोझ हल्का कर देगा. वह भी बिहार से हरियाणा कमाने गया था. न परिवार ने, न खुद उसने ही कभी यह सोचा होगा कि वह लाख कोशिश के बाद भी घर नहीं लौट सकेगा और रास्ते में मारा जाएगा. वह पैदल चलते हुए वह मारा गया. उसका नाम अशोक था.

बिहार का रहने वाला अशोक अपने एक दोस्त पिंकू और दो अन्य के साथ पैदल बिहार जा रहा था. हरियाणा में अम्बाला के जगाधरी हाइवे पर इन्हें तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी. अशोक की मौके पर ही मौत हो गई. पिंकू गंभीर रूप से जख्मी हो गया.

इनके साथ के ही सुधीर कुमार मंडल ने बताया, ‘मैं पूर्णिया का रहने वाला हूं. अम्बाला में पिछले दो-तीन साल से रह रहा हूं. हमारे पास पैसे खत्म हो गए थे, इंतजार कर रहे थे कि कब लॉकडाउन खुलेगा और अपने घर जाएंगे. मेरे चार साथी पैसे खत्म हो जाने पर पैदल ही बिहार के पूर्णिया के लिए निकले थे. जगाधरी रोड पर अज्ञात वाहन ने दो को कुचल दिया. अशोक की मौके पर मौत हो गई, पिंकू गंभीर रुप से घायल हो गया. हमारे दो साथी विजय और मनोज बच गए.’

11 मई का दिन मजदूरों के लिए ज्यादा भयावह रहा. अलग अलग दुर्घटनाओं में कम से कम 15 मजदूर मारे गए हैं. आजतक की खबर के मुताबिक, मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर, बड़वानी, सागर और शाजापुर जिलों में कुल मिलाकर 11 प्रवासी मजदूरों की मौत हुई, जबकि 14 अन्य घायल हुए. ये सभी महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना से उत्तर प्रदेश जा रहे थे. इनमें से 6 मजदूरों की मौत गर्मी और थकान से हुई. इसके अलावा, नरसिंहपुर जिले में एक ट्रक पलट गया और इस दुर्घटना में 5 मजदूरों की मौत हो गई. इस हादसे में 14 अन्य मजदूर घायल हो गए. इस ट्रक में आम भरा हुआ था और इसी में 20 प्रवासी मजदूर हैदराबाद से उत्तर प्रदेश के एटा और झांसी जा रहे थे.

इनमें यूपी के सिद्धार्थ नगर के रामबली (31) कर्नाटक से घर लौट रहे थे. मध्य प्रदेश के सागर-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई. अस्पताल में उनकी मौत हो गई. यूपी के ही बस्ती निवासी रामरूप (35) महाराष्ट्र से पैदल लौट रहे थे. शाजापुर जिले में उनकी मौत हो गई. बड़वानी से रिपोर्ट मिली कि मुंबई से उत्तर प्रदेश पैदल जा रहे तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई.

बिहार का रहने वाला शिवकुमार अपने कुछ साथियों के साथ साइकिल से अपने घर बिहार जा रहा था. वे लोग बुलंदशहर से चले थे. रायबरेली पहुंचे थे, तभी कार ने टक्कर मार दी. उसकी मौत हो गई. यूपी के फतेहपुर में एक सड़क हादसा हुआ जिसमें एक मां-बेटी की मौत हो गई. ये दोनों महाराष्ट्र से आ रहे मजदूरों की टोली में थीं. ये सभी जौनपुर जा रहे थे. फतेहपुर के हरदासपुर निवासी अनीस अहमद और प्रयागराज निवासी लल्लूराम की महाराष्ट्र से यूपी के रास्ते में मौत हो गई. अलग अलग घटनाओं में इन दोनों की मौत अचानक रास्ते में तबियत बिगड़ने के कारण हुई.

(लेखक युवा पत्रकार एंव कहानीकार हैं)