मनमोहन सरकार ने की मालेगांव ब्लास्ट में संघ नेताओं को फसाने की साजिश : इंद्रेश कुमार

आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने मनमोहन सरकार में हुए मालेगांव ब्लास्ट के लिए संघ और बीजेपी नेताओं को फंसाने की साजिश रचने की कड़ी आलोचना की है। इंद्रेश कुमार ने इस साजिश के लिए सीधे तौर पर सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, पी चिदंबरम, सलमान खुर्शीद समेत राहुल गांधी व प्रियंका गांधी को दोषी ठहराया है। दरअसल मंगलवार को मालेगांव ब्लास्ट के सिलसिले में एक और सरकारी गवाह मुकर गया और उसने आरोप लगाया कि एटीएस ने हफ्ते भर उसको हिरासत में रख कर डराया धमकाया ताकि वो इंद्रेश कुमार समेत कई आरएसएस और बीजेपी नेताओं को दोषी ठहराए। अब तक 15 गवाह मुकर चुके हैं। मालेगांव बम धमाके मामले की सुनवाई में अब तक 220 लोगों की गवाही हो चुकी है।

इस बीच अयोध्या की पावन भूमि से आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने असंतुलित व अनियंत्रण जनसंख्या, तीन तलाक, लव जिहाद, हिंसक व कुरीतियों के खिलाफ बिगुल फूंका। इस दौरान संघ के वरिष्ठ नेता ने विवाह की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष किए जाने पर विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा अनर्गल भाषा की कड़ी आलोचना की। इस दौरान उन्होंने चीन के विस्तारवाद और पाकिस्तान के अलगाववाद की नीति की भी कड़ी आलोचना की। साथ ही यह प्रण लिया कि हम सब को अपनी प्रार्थनाओं में कैलाश मानसरोवर की चीन से मुक्ति की प्रार्थना करनी चाहिए। साथ ही साथ इंद्रेश कुमार ने लोगों से अपील की कि सारी असुरी और राक्षसों के विनाश के लिए पूरे जोश और उत्साह के साथ वोट करना है।

इंद्रेश कुमार जनसंख्या नियंत्रण फाउंडेशन की सभा में बोल रहे थे। फाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या समाधान यात्रा निकाली थी जो मेरठ से चल कर 66 जिलों में होती हुई अयोध्या पहुंची थी। इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ संघ नेता ने कहा कि भारत की विशेषताओं को गिनाते हुए कहा कि भारत सब को जोड़ने में विश्वास रखता है। तोड़ना और असंतुलित व्यवहार भारत की प्रवृत्ति में नहीं है। उन्होंने जनसंख्या असंतुलन के कारण संभावित गृहयुद्ध को रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून की वकालत की। उन्होंने कहा, अशिक्षा और अधिक बच्चे पैदा करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की अविलम्ब आवश्यकता है।

सभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए संगठन के मुख्य संरक्षक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार ने कहा कि अशिक्षा और अधिक बच्चे पैदा करने की प्रवृत्ति के कारण देश में जनसंख्या का असंतुलित और अनियंत्रित विस्फोट हो रहा है। जिससे देश में बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी और कुपोषण बढ़ रहा है।

इन्द्रेश कुमार ने कहा कि भारत विश्व की लगभग 18% जनसंख्या का भार वहन कर रहा है, जबकि आबादी के अनुपात में हमारा भूभाग बहुत कम यानि लगभग 2.4 % है और जल भी विश्व का मात्र 4% है। यही कारण है कि सरकार के तमाम उपायों के बावजूद भी देश में बेरोजगारी और गरीबी की समस्या बढ़ रही है।

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