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कांग्रेस सरकार के समय मुनाफे में चल रहे जल बोर्ड को केजरीवाल सरकार ने घाटे में पहुचा दिया है: अनिल कुमार

नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली में पिछले दो महीने से गहराये जल संकट के कारण दिल्लीवासियों को पानी की भारी कमी झेलनी पड़ रही है। आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार के नेतृत्व में दिल्ली में पानी की उपयुक्त मांग को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल निवास पर मिलने गए। परंतु मुख्यमंत्री ने आज भी पुलिस को आगे करके दिल्लीवासियों की पानी की समस्याओं को सुनने की जरुरत नही समझी। चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल के 7 वर्षों के शासन काल कुप्रबंधन और प्रशासनिक असंवेदनशीलता के कारण ही आज दिल्लीवासी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे है। कांग्रेस कार्यकर्ता आज केजरीवाल निवास पर खाली मटकों के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए ‘‘केजरीवाल का यही फंडा है, राजधानी का पानी गंदा है’’, ‘‘बीमारी नही पानी दो, दिल्ली को स्वच्छ पानी दो’’, ‘‘दिल्ली की दुखद कहानी, पीने के लिए गंदा पानी’’ आदि नारे लगा रहे थे।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल दिल्ली का जल संकट दूर करने की बजाय दूसरे राज्यों में आगामी विधानसभाओं के लिए राजनीतिक पैर जमाने के लिए मुफ्त पानी देने के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल दिल्लीवालों को 20,000 लीटर प्रतिमाह पानी मुफ्त देने कहां से देंगे जब दिल्लीवालों के नलों तक पानी ही नही पहुॅचेगा और जिन नलों में दिल्ली जल बोर्ड का पानी आ रहा है वहां लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है, जिस वजह से अनेक बीमारियां फैल रही है। केजरीवाल ने मुफ्त पानी देने के बड़े-बड़े बयानों के अलावा दिल्लीवालों के लिए जल उत्पादन की दिशा में कोई काम नही किया।  चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस की शीला सरकार ने दिल्लीवालों पानी मुहैया कराने के लिए हरियाणा सरकार पर दवाब बनाकर अपने पूरे कार्यकाल में दिल्लीवासियों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मुहैया कराया था, जबकि वर्तमान में अरविन्द केजरीवाल दिल्ली में पानी पूर्ति के लिए भाजपा शासित हरियाणा सरकार से पानी का मसला हल करने की बजाय आरोप प्रत्यारोप की राजनीति कर रहें है।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने सत्ता हासिल करने के बाद अपने तीन कार्यकाल में पीने का स्वच्छ पानी देने के नाम पर दिल्ली के नागरिकों को केवल गुमराह किया है। दिल्ली में पानी की किल्लत और दूषित पानी की सप्लाई के कारण दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल सरकार के खिलाफ रोष साफ दिखाई देने लगा है क्योंकि दिल्ली की जनता पानी संकट को लेकर दिल्ली सरकार के मंत्रियां और विधायकों का खुलकर विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि अरविन्द सरकार ने दिल्ली का जल संकट दूर करने के लिए एक भी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नही लगाया जबकि मौजूद पानी की सप्लाई के द्वारा भी केवल दिल्ली के लोगों को दूषित पानी ही मिल रहा है, जिसके दिल्ली जल बोर्ड भारी भरकम पानी के बिल वसूल रहा है।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली का मुखिया होने के नाते अरविन्द केजरीवाल की जिम्मेदारी बनती है कि वे दिल्ली की जनता को 24 घंटे स्वच्छ पानी उपलब्ध कराए, जिसकी उन्होंने सत्ता से पूर्व बड़ी-बड़ी घोषणाऐं भी की थी। परंतु दिल्ली की 1380 एमजीडी पानी की डिमांड को पूरा करने के लिए पानी उत्पादन करने में अरविन्द सरकार पूर्णतः विफल साबित हुई है। जिसके कारण ही दिल्ली में टैंकर माफिया हावी है, और लोग मुफ्त पानी की आस में मंहगा पानी पीने को मजबूर है, जबकि केजरीवाल टैंकर माफियाओं को खत्म करने की कसम खाते है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल अपने प्रचार के लिए पैसा की कमी को पूरा करने के लिए जनता को संगठित रुप से लूटने के लिए प्रतिदिन नए-नए नियम बना रही है, जबकि केजरीवाल शासन में दिल्ली जल बोर्ड का घाटा 57000 करोड़ तक पहुच गया जो दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है और भ्रष्टाचार खत्म करने वाले केजरीवाल खुद भ्रष्ट प्रशासन के मुखिया बने हुए है।

 

आक्रोषित कांग्रेस कार्यकर्ताओं में प्रदेश अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार के अलावा पूर्व विधायक चौधरी मतीन अहमद, अनिल भारद्वाज, विजय लोचव, कुवंर करण सिंह, राजेश जैन, अमरीश गौतम और दर्शना रामकुमार, उपाध्यक्ष अभिषेक दत्त और अली मेंहदी, कोषाध्यक्ष संदीप गोस्वामी, दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता धवन, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष रणविजय सिंह, निगम पार्षद दर्शना जाटव, जुबेर अहमद, पूर्व पार्षद पुष्पा सिंह सहित भारी संख्या में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवा दल व एनएसयूआई, सेल एवं विभागों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।