अपने बेटों के लिए कितनी संपत्ति छोड़कर गए हैं कादर खान

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कादर खान एक भारतीय फिल्म अभिनेता, स्क्रीन राइटर, कॉमेडी अभिनेता और फिल्म निर्देशक थे। एक अभिनेता के रूप में वह 1973 में आई फिल्म दाग में अपनी पहली उपस्तिथि के बाद 300 से अधिक बॉलीवुड फिल्मों में दिखाई दिए। वह 1970 से 1999 के दौरान बॉलीवुड फिल्मों के लिए एक शानदार स्क्रीन राइटर भी थे और उन्होंने 200 फिल्मों के लिए डायलोग लिखे। खान ने बॉम्बे विश्वविद्यालय से संबद्ध इस्माइल युसूफ कॉलेज से ग्रेजुएट किया। 1970 के दशक की शुरुआत में फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश करने से पहले उन्होंने एम. एच. साबू सिद्दीक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग मुंबई में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के रूप में पढ़ाया।

नाटकों में काम करने के दौरान उनपर अभिनेता दिलीप कुमार की नजर पड़ी और फिर उन्हें पहली फिल्म भी मिली। राजेश खन्ना स्टारर ‘दाग’ फिल्म से बॉलीवुड डेब्यू करने वाले कादर खान ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और इसके अलावा उन्हें कई विज्ञापनों में भी देखा गया। इस दौरान कादर खान ने अपनी मेहनत से संपत्ति भी बनाई। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अभिनेता की संपत्ति करोड़ों में है।

मेहनत के बलबूते कमाई इतनी दौलत:एक रिपोर्ट के मुताबिक, कादर खान ने फिल्मों, विज्ञापनों और डायलॉग राइटिंग के जरिए अपनी मेहनत के बलबूते करीब 69.8 करोड़ की संपत्ति बनाई। कादर खान ने अपने दौर में बॉलीवुड के हर दिग्गज अभिनेता के साथ काम किया। उन्होंने गंभीर भूमिकाएं भी निभाईं और अपनी कॉमेडी के जरिए लोगों को हंसाया भी। कादर खान के डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर हैं। वो ऐसे अभिनेता थे, जिन्हें डायरेक्टर खुद फिल्में हिट होने का श्रेय देते थे। 1973 में आई फिल्म ‘दाग’ से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाले कादर खान ने कई हिट फिल्में दीं। अपने डायलॉग के जरिए उन्होंने अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड का ‘एंग्री यंग मैन’ बनाया।

कादर खान का परिवार:कादर खान स्वास्थ्य कारणों से टोरंटो जाने तक मुंबई में रहे. उनके तीन बेटे थे सरफराज खान, शाहनवाज खान, और तीसरा बेटा कुद्दुस जो कनाडा में रहता था। हालाँकि 2021 में उसकी मृत्यु हो गई। उनके बेटे सरफराज खान ने भी कई फिल्मों में काम किया है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो खान ने कनाडा की नागरिकता ले ली थी और 2014 में हज करने के लिए मक्का गए थे।

2018 में हुआ निधन:कादर खान सुपरन्यूक्लियर पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उन्हें 28 दिसंबर 2018 को कनाडा में ‘सांस फूलने’ की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे इलाज के लिए अपने बेटे और बहू के साथ रहे। 31 दिसंबर 2018 को खान के बेटे, सरफराज खान ने पिता के निधन की पुष्टि की थी। उनका अंतिम संस्कार समारोह मिसिसॉगा में ISNA मस्जिद में आयोजित किया गया था, और उन्हें ब्रैम्पटन के मीडोवाले कब्रिस्तान में दफनाया गया था।

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