जामिया वीसी का कर्मचारियों को निर्देश, ‘नो वैक्सीन, नो कैंपस एंट्री’

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति प्रो नजमा अख्तर ने कैंपस में कोविड-19 और ओमाइक्रोन मामलों के प्रसार की रोकथाम के लिए यह निर्देश दिया है कि केवल उन्हीं कर्मचारियों को उनके संबंधित विभागों/ कार्यालयों में प्रवेश दिया जाए जिन्होंने ‘किसी भी उपलब्ध कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक’ ले ली हो। यह निर्णय दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), एनसीटी दिल्ली सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लिया गया है।

जिन कर्मचारियों ने वैक्सीन की एक भी खुराक नहीं ली है, उन्हें अपने संबंधित कार्यालयों में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उनके खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी से अनुपस्थिति की अवधि को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक लेने तक ‘ऑन लीव’ माना जाएगा। कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज़/पूर्ण टीकाकरण की पुष्टि संबंधित विभाग/कार्यालय प्रमुख द्वारा; संबंधित कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत किए गए आरोग्य सेतु एप्लिकेशन/टीकाकरण प्रमाण पत्र के माध्यम की जाएगी।

इससे पहले, कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी छात्रों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय राजधानी में कोविड -19 और ओमाइक्रोन मामलों में वृद्धि को देखते हुए कोविड के उचित व्यवहार का सख्ती से पालन करने की अपील की थी। विश्वविद्यालय में आने वाले लोगों को बिना शारीरिक संपर्क के अभिवादन करने, शारीरिक दूरी बनाए रखने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया गया था। कुलपति ने विश्वविद्यालय के नवाब मंसूर अली खान खेल परिसर में जिमनेज़ियम/आंतरिक गतिविधियों को अगले आदेश तक बंद रखने के भी निर्देश दिए थे।

जामिया वी. सी. ने शुरू किया ‘विशिंग यू ए हैप्पी फेयरवेल’ कार्यक्रम

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के कुलपति प्रो नजमा अख्तर ने आज ‘विशिंग यू ए हैप्पी फेयरवेल’ कार्यक्रम की मेजबानी की, जिसके बाद विश्वविद्यालय के आठ कर्मचारियों के लिए एक चाय पार्टी का आयोजन किया गया, जो दिसंबर, 2021 में अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए थे।

इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि जीवन की प्रमुख उपलब्धि सेवानिवृत्ति की ‘विशिंग यू हैप्पी फेयरवेल’ होती है। इन कर्मचारियों ने इतने वर्षों तक विश्वविद्यालय के साथ काम किया और विदाई जैसे भावनात्मक क्षण के समय उनके साथ खड़ा होना बहुत ही नेक और उत्साहवर्द्धक है। “इस आयोजन के पीछे का विचार उनकी खुशियों को साझा करना और उनके भविष्य के प्रयासों और स्वस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं देना है।”

प्रो. अख्तर ने एक बार फिर दोहराया कि विश्वविद्यालय के सभी शिक्षण और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप नैक द्वारा ए++ मान्यता प्राप्त हुई। अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों में अशहद आलम, महफूज अहमद, मोहम्मद फारूक, मोहम्मद हसन, मो. मुर्सलीन, प्रो. एम.एन. दोजा, शेखुल इनाम और शमशेर अली अंसारी शामिल हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कहा कि यह संभवत: पहली बार है जब विश्वविद्यालय के किसी कुलपति ने इस तरह की पहल की है.