जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने मनाया 101 वां स्थापना दिवस, वीसी बोलीं सिर्फ देश ही नहीं विश्व में भी जामिया ने हासिल किया…

स्वतंत्रता संग्राम और असहयोग आंदोलन से जन्मी संस्था जामिया मिलिया इस्लामिया ने आज अपनी स्थापना के 101 वर्ष पूरे कर लिए। स्थापना दिवस समारोह आज विश्वविद्यालय के डॉ. एमए अंसारी सभागार के प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स द्वारा कुलपति प्रो नजमा अख्तर को दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शुरू हुआ। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद कुलपति ने जामिया ध्वज फहराया और छात्रों ने ‘ये जामिया का परचम.’ गीत गाया। कार्यक्रम के दौरान सभी कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन किया गया।

कुलपति ने एक अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी ‘इनकॉन्टिनम-चिसेलिंग द माइंड’ का एमएफ हुसैन आर्ट गैलरी में (वर्चुअल और ऑफलाइन)उद्घाटन किया, जहां यूएसए, मलेशिया, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड, यूएई, बांग्लादेश और भारत के 27 केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के 101 कृतियों को प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर भारत की प्रमुख समकालीन कलाकारों में से एक अंजोली इला मेनन विशिष्ट अतिथि थीं। उन्होंने ललित कला संकाय के शिक्षकों और छात्रों के साथ एक संवादात्मक सत्र किया।

अंसारी सभागार में डीएसडब्ल्यू प्रो. मेहताब आलम ने कुलपति और अन्य अतिथियों का स्वागत किया. उद्घाटन समारोह के बाद, जामिया स्कूलों के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें कुलपति, गेस्ट ऑफ ऑनर अंजोली इला मेनन, रजिस्ट्रार डॉ. नाज़िम हुसैन अल जाफ़री, चीफ प्रॉक्टर प्रो. वसीम अहमद खान, विभागाध्यक्ष, केन्द्रों के निदेशक, स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, छात्रों और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने भाग लिया। एनएसएस स्वयंसेवक सभागार के अंदर समारोह का प्रबंधन कर रहे थे और लोगों को ठीक से मास्क पहनने और सामाजिक दूरियों के मानदंडों का पालन करने का ध्यान दिला रहे थे।

क्या बोलीं नज़्मा अख़्तर?

अपने संबोधन के दौरान कुलपति ने हाल के दिनों में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा, “हमारी प्यारी जामिया अब बेहतर अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के साथ देश के शीर्ष छह विश्वविद्यालयों में से एक है। मेरा मानना है कि यह जामिया के महान संस्थापकों और निर्माताओं को सबसे उपयुक्त श्रद्धांजलि है। उन महान आत्माओं की श्रद्धा और दृष्टि का ज़ोरदार तालियों के साथ सम्मान किया जाना चाहिए।”

प्रो. अख्तर ने आगे कहा कि 1920 में अपनी मामूली शुरुआत के साथ, जामिया ने समाज के सभी वर्गों के लिए हुनर और शिक्षा के हर क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य किया। इसने हमेशा महिलाओं की शिक्षा और उन्नति को बढ़ावा देने के विचार को अपनाया है ताकि वे अपने तरीके से जीवन की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें। इसलिए यह अपनी छात्राओं को उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने और उनकी रुचियों को विकसित करने के सभी अवसर प्रदान करता है। नतीजतन, जामिया की सैकड़ों पूर्व छात्राओं ने शिक्षाविदों, प्रशासकों, मजिस्ट्रेटों आदि के रूप में अपनी दक्षता साबित करते हुए जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में खुद को प्रतिष्ठित किया है।

कुलपति ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय विदेशी सहयोग पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, नए विभाग खोल रहा है, अनुसंधान गतिविधियों का विस्तार और प्रचार कर रहा है, ऑनलाइन शिक्षा, पूर्व छात्रों के संबंधों में सुधार कर रहा है और अपनी वैश्विक दृष्टि के साथ, विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में पूरी तरह से बदलने और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय के रूप में उभरने के लिए तैयार है। उन्होंने दर्शकों से सभी के स्वास्थ्य, कल्याण और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति की प्रार्थना करने के लिए अपील की।

गेस्ट ऑफ ऑनर अंजोली इला मेनन ने कहा कि यह उनके लिए एक विशेष दिन है क्योंकि जामिया उनकी प्रधानाध्यापिका की मातृ-संस्था है जो हमेशा इसके बारे में बताती थीं और इसके गौरवशाली इतिहास पर गर्व महसूस करती थीं। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना के 101 वर्ष पूरे करने के लिए बधाई दी और अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए ललित कला संकाय की प्रशंसा की।

कार्यक्रम का समापन रजिस्ट्रार डॉ नाजिम हुसैन अल जाफरी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शाम को एक ‘मुशायरा’ का भी आयोजन किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के और बाहर के कवियों ने भाग लिया।

4 thoughts on “जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने मनाया 101 वां स्थापना दिवस, वीसी बोलीं सिर्फ देश ही नहीं विश्व में भी जामिया ने हासिल किया…

  • November 15, 2022 at 4:11 pm
    Permalink

    Most Common Side Effects Infusion related general effects Headache, myalgia, chills, flushing, fever, nausea, vomiting, low back pain, wheezing, chest pain, blood pressure changes and tachycardia Generally mild Occur 30 60 min after infusion Treatment slow dose infusion rate, pretreatment with analgesics, NSAIDs, antihistamines or low dose IV corticosteroids For adults can consider the following regimen 30 min prior to infusion Acetaminophen 650 1000 mg orally Ibuprofen 400 or 800 mg orally Diphenhydramine 25 50 mg orally, intravenously or intramuscularly For patients with severe adverse reactions such as headaches, consider methylprednisolone 40 60 mg intravenously Risk of fluid overload Monitor closely in those with significant cardiac and kidney disease Aseptic meningitis Headache and photophobia that are self limiting and resolve without sequelae Treatment analgesics and anti emetics Thromboembolic events Decrease risk by lowering IVIg dose and slowing rate of infusion Hematologic effects Neutropenia and hemolysis seen in those with autoantibodies against blood group antigens of ABO and Rhesus Rh system Anaphylaxis Few cases reported, particularly in those with IgA deficiency having antiIgA antibodies Renal failure Increased risk in patients with rheumatoid factor and cryoglobulins Avoid In patients with IgA deficiency lasix classification In response to the initial article in USA TODAY, our folks withdrew Craze from contention for the supplement awards this year, he said

  • November 22, 2022 at 12:32 pm
    Permalink

    Corey hkabAcqbDK 6 29 2022 price for ivermectin tablets Additional events that were more often seen in the paroxetine compared to placebo group were decreased appetite, tremor, sweating, hyperkinesia, agitation, emotional lability including crying and mood fluctuations

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *