बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी से मिलने पहुँचे बेटे उमर अंसारी से जेल प्रशासन ने किया दुर्व्यवहार,जानिये पूरा मामला…

उत्तर प्रदेश-अगले कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसको लेकर हर रोज नेताओं की बयानबाजी मीडिया की सुर्खियां बनी हुई है ऐसे में उत्तर प्रदेश की सियासत का एक ऐसा नाम जो हमेशा किसी ना किसी बहाने चर्चा में बना रहता है वह आज चुनाव के माहौल में भी लगातार मीडिया में बना हुआ है।हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के मऊ की सदर सीट से विधायक मुख्तार अंसारी की।बाहुबली मुख्तार अंसारी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शुरू से ही नजर बनी हुई है और कई बड़ी कार्यवाही भी हो चुकी है इसके साथ साथ बाहुबली मुख्तार अंसारी के परिवार वालों पर भी कई मुकदमे दर्ज किए गए है।

इसी क्रम में एक बड़ी खबर फिर से आ रही है कि बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी से मिलने उनके बेटे उमर अंसारी बांदा जेल पहुंचे थे उमर अंसारी ने बताया कि प्रशासन की तरफ से मिलने का समय भी तय किया गया था और तय समय के अनुसार वह पहले ही वहां पहुंच चुके थे लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके साथ गलत व्यवहार किया और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने के लिए पहले उनकी तलाशी ली गई और फिर उनकी गाड़ी की भी तलाशी ली गई इस दौरान मुलाकात का समय भी कुछ ही मिनट बाकी रह गया था।बहुत कोशिशों के बाद जब उमर अंसारी को अंदर जाने दिया गया तब भी जेलर ने मुलाक़ात की पर्ची कटवाने में 11 मिनट की देरी का हवाला देते हुए कहा की कारण मुलाक़ात संभव नही है।बता दें कि मुलाक़ात की पर्ची कटवाने का आख़िरी समय 11 बजे होता है जबकि उमर के अनुसार वो 10:30 बजे से ही वहाँ खड़े थे।इसके साथ ही उमर अंसारी बढ़ती सर्दी को देखते हुए अपने पिता विधायक मुख़्तार अंसारी के लिये रज़ाई वगैरह भी ले गये थे जिसे वापस लौटा दिया गया।

विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है और उन्होंने कहा कि जेल गेट के बाहर ही उनके साथ इंस्पेक्टर बांके बिहारी सिंह उर्फ बीबी सिंह एवं सब इंस्पेक्टर अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने दुर्व्यवहार किया एवं मिलने के तय समय पर पहुंचने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने जानबूझकर कागजी कार्रवाई के नाम पर रोके रखा बड़ी कोशिशों के बाद विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी को फिर से 11 बज कर 11 मिनट का समय दिया गया जिसके बाद जेलर ने फिर से हिलाहवाली करते हुए घंटे भर इंतजार करवाया और अंत में जेलर ने कहा कि मुलाकात की पर्ची कटवाने का अंतिम समय 11 बजे होता है जिसका समय अब निकल चुका है इसलिए आज मुलाकात कर पाना संभव नहीं है जिस पर उमर अंसारी ने कहा कि हम तय समय से पहले यानी 10:30 ही से यहाँ आ गए थे लेकिन जांच प्रक्रिया के बहाने पूरा समय बाहर रोके रखा गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बांदा जेल में बतौर इंस्पेक्टर तैनात किए गए बीबी सिंह पूर्व में गोरखनाथ पीठ में भी तैनात रह चुके हैं एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी बताए जाते हैं ऐसे में विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी के साथ जेल प्रशासन द्वारा इस तरह का रवैया कोई हैरत की बात नहीं है साथ ही साथ आपको यह भी बता दें कि मुख्तार अंसारी को लेकर प्रशासन के रवैये पर लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं जिस पर अदालत भी दखल दे चुकी है और बार-बार पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी किया है कि विधायक मुख्तार अंसारी को संवैधानिक रूप से जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह उन्हें दी जाए कोर्ट के बार-बार आदेश देने के बाद भी प्रशासन का रवैया ज्यों का त्यों जारी है जिसको लेकर अंसारी परिवार की तरफ से कई बार नाराजगी जाहिर की जा चुकी है।

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