बिना लाइसेंस के चल रहे अस्पताल, आए दिन दम तोड़ रहे मरीज़, लाशों से वसूल रहे हैं पैसा।

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आजमगढ़ः गब्बर मूवी देखी है? उसमें किस तरह से मृत लोगो को जिंदा दिखाकर हॉस्पिटल वाले कमाई करते हैं, फिर गगब्बर उन हॉस्पिटल्स वालो का तगड़ा इलाज करता है। आप ओर हम सिनेमा में सीटियां बजाकर हाय हुल्लड़ काटकर घर को आ जाते हैं। ओर इससे कोई सीख नहीं लेते।

आपने कभी गौर किया है कि आपके पास इस तरह के न जाने कितने झोलाछाप डॉक्टरों ने हॉस्पिटल ही हॉस्पिटल्स बनाये हुए हैं। आप उनमे इलाज कराने जाते हैं और वो डॉक्टर्स आपका ठीक तरह से “इलाज” कर देते हैं।

“इलाज” का ऐसा ही एक मामला सामने आया है। आजमगढ़ में एक ऐसा मामला सामने आया कि लोग हॉस्पिटल जाने से कतराने लगे . वँहा के स्टॉफ के रवैये ने प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया कि क्या ये हॉस्पिटल ही है ? ठीक तरीके से जांच की गई तो जनता के होश उड़ गए, हॉस्पिटल फ़र्ज़ी दस्तावेजों पर चल रहा था जिस व्यक्ति के नाम से हॉस्पिटल चल रहा था उस व्यक्ति को भी खबर नही थी खैर प्रशासन ने इलाज करना शुरू कर दिया है.

जनपद आजमगढ़ एक बार फिर सुर्खियों में है जहां इस बार अस्पतालकर्मियों और बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने वाले डॉक्टरों पर शिकंजा करने की तैयारी में लगा है. पूरा जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश पुलिस और call 112 अस्पताल से संबंधित किसी भी शिकायत पर तुरन्त मुस्तैद नजर आ रही है, और घटनास्थल पर पहुंचकर जांच कर मुख्य चिकित्साधिकारी और मेडिकल एसोसिएशन से जवाब तलब करती दिखाई दे रही है.

आजमगढ़ के फूलपुर मे स्थित ये अवैध अस्पताल जिसका कोई रजिस्ट्रेशन नही है, जहां मानको के विपरीत बिना MS की डिग्री के रोज ऑपरेशन किया जाता है,आएदिन मरीजो की हालत बिगड़ने/मर जाने पर कर्मचारियो द्वारा मारपीट की जाती है, कृपया संज्ञान ले –

ट्विटर पर एक ट्वीट करते ही स्वास्थ्य विभाग एक्टिव हो गया है। तत्काल कॉल 112 की गाड़ी अस्पताल जाकर आवश्यक छानबीन करनी शुरू कर दी है. शिकायतकर्ता द्वारा आजमगढ़ मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच के लिए आवेदन देने पर ज्ञात हुवा कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन जिस अमुक व्यक्ति के नाम है उसे पिछले 3 सालों से इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. और आये दिन अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ने/मर जाने पर अस्पताल कर्मचारियों द्वारा अभद्रता एवं मारपीट जैसी कोई न कोई अप्रिय घटना घटित होती है जिसका श्रेय उस अमुक व्यक्ति को जाता है जिसके नाम से अस्पताल संचालित किया जाता है.

ऐसे में जिला प्रशासन और चिकित्साधिकारियों की पूरी टीम इस जांच में जुटी हुई है कि जितने भी अस्पताल आजमगढ़ जिले में फर्जी तरीके से चल रहे हैं उनपर तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिए.