आज़म ख़ान को हाई कोर्ट से मिली राहत, जौहर यूनिवर्सिटी का गेट गिराए जाने पर लगी रोक

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के सांसद आज़म ख़ान के लिए फिलहाल राहत भरी खबर सामने आई है। आज़म ख़ान की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का गेट गिराए जाने के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। रामपुर के डिस्ट्रिक्ट जज के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए यूपी सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। जवाब दाखिल होने तक किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

जानकारी के लिए बता दें कि, जस्टिस अजीत कुमार की बेंच में ये सुनवाई हुई। इस पूरे मामले में आज़म ख़ान पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर गेट बनाने का आरोप था। वहीं, आज़म खान की तरफ से दलील दी गई थी कि, यूनिवर्सिटी की ज़मीन पर गेट बनाया गया है। इस मामले में अब सितंबर महीने में अगली सुनवाई होगी।

ये था पूरा मामला

समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद आज़म खान को रामपुर की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से बड़ा झटका मिला था। 2019 में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अपनी शिकायत में आज़म खान की यूनिवर्सिटी के गेट को सरकारी जमीन पर होने की बात कही थी। इस मामले में एसडीएम कोर्ट ने जांच के बाद गेट तोड़ने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ आजम खान ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अपील की थी। लगभग 2 साल बाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने आजम खान की अपील को खारिज कर दिया था।

कोर्ट ने तत्कालीन एसडीएम पी पी तिवारी के मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का गेट तोड़ने संबंधी आदेश को बरकरार रखा था। इस संबंध में वादी आकाश सक्सेना ने बताया कि 2019 में हमारे द्वारा एक शिकायत की गई थी कि जौहर यूनिवर्सिटी का गेट सरकारी भूमि पर है। उसकी जो सड़क है वो पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई है। लगभग 13 करोड़ लागत की वह सड़क बनवाई गई थी उस पर जौहर यूनिवर्सिटी का गेट बना हुआ था।

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