हरेकाला हजब्बा: संतरे विक्रेता से पद्मश्री तक का सफर, भारतीय समाज को क्यों लेनी चाहिए इनसे प्रेरणा?

कर्नाटक के एक नारंगी विक्रेता को सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया। हजब्बा को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक कार्य करने के लिए दिया गया। कर्नाटक के मैंगलोर की सड़कों पर संतरे बेचने वाले हरेकला हजब्बा को अपने गांव में वंचित बच्चों के लिए एक स्कूल बनाने के लिए पुरस्कार मिला।

राष्ट्रपति कोविंद ने दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में हजब्बा को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। हरेकला हजब्बा कर्नाटक के मैंगलोर शहर में एक संतरा विक्रेता हैं। वह उम्र 65 साल के हैं। अपने गांव में स्कूल न होने की वजह से हजब्बा खुद पढ़ाई नहीं कर सके, लेकिन शिक्षा के प्रति उनका समर्पण ऐसा था कि अब वो शिक्षितों के लिए भी मिसाल बनकर उभरे हैं।

हजब्बा ने मैंगलोर शहर से लगभग 35 किमी दूर हरेकला-न्यूपाडपु गांव में एक स्कूल का निर्माण किया है। वर्तमान में इस स्कूल में गांव के 175 वंचित छात्र हैं। हजब्बा 1977 से मैंगलोर बस डिपो पर संतरा बेच रहे हैं और उसने कभी किसी स्कूल में पढ़ाई नहीं की। अपने गांव में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने की उनकी इच्छा 1978 में उनके दिमाग में तब आई जब एक विदेशी ने उनसे संतरे की कीमत पूछी।

पद्म पुरस्कार विजेता ने एएनआई को बताया कि मैं केवल कन्नड़ जानता हूं, अंग्रेजी या हिंदी नहीं। इसलिए मैं उदास था क्योंकि मैं विदेशी की मदद नहीं कर सका। मैंने अपने गांव में एक स्कूल बनाने के बारे में सोचा। हजब्बा का स्कूल बनाने का सपना दो दशक बाद ही साकार हुआ। उन्होंने पूर्व विधायक दिवंगत यूटी फरीद से संपर्क किया, जिन्होंने वर्ष 2000 में निर्माण को मंजूरी दी थी।

 

हजब्बा ने 28 छात्रों के साथ स्कूल शुरू हुआ था और अब कक्षा 10 तक 175 छात्र उनके द्वारा बनवाया गए स्कूल में बढ़ते हैं। पद्म पुरस्कार विजेता ने अपने गांव में और स्कूल और कॉलेज बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने लोगों से पैसा लिया है और स्कूलों और कॉलेजों के लिए जमीन खरीदने के लिए पुरस्कार राशि जमा की है। हजब्बा ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने गांव में एक प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज (कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए) का निर्माण करने का अनुरोध किया है।

साल 2020 और 2021 के लिए दो पद्म पुरस्कार समारोहों का आयोजन सोमवार को सुबह और शाम में किया गया। प्रदान किए गए पुरस्कारों में सात पद्म विभूषण, 16 पद्म भूषण और 122 पद्मश्री पुरस्कार वर्ष 2020 और 2021 के लिए दिए गए। पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री जो गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रतिवर्ष घोषित किए जाते हैं। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्मश्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।

सभार- मनी कंट्रोल

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