गुरुग्राम नमाज़ विवाद: सरकार वक्फ की संपत्तियां भी आज़ाद नहीं कराती, और हिंदुत्तववादियों पर भी नकेल नहीं कसती

हर शुक्रवार को गुरुग्राम मे जुमा की नमाज़ को लेकर विवाद होता है। आज भी हुआ है, गुरुग्राम प्रशासन ने 37 जगहों पर जुमा की नमाज़ अदा करने की अनुमति दी हुई थी, लेकिन आठ स्थानों की अनुमति को रद्द कर दिया था। #Gurgaon में जहां पर नमाज़ होती थी, उनमे से एक जगह पर आज गोवर्धन पूजा हुई है। भाजपा नेता कपिल मिश्रा आज अपने समर्थकों के साथ गुड़गांव पहुंचा, और उन संगठनों की प्रोत्साहन किया जो हर शुक्रवार को नमाज़ अदा करने का विरोध करते हैं।

कपिल मिश्रा का कहना है कि “हमें चाहिए आज़ादी, सड़कों पे चलने की आज़ादी, दफ्तर जाने की आज़ादी, खुले पार्को की आज़ादी, स्कूल, अस्पताल जाने की आज़ादी।” हालांकि गुरुग्राम में नमाज़ सड़क पर नहीं बल्कि पार्क में होती है, जिसकी अनुमति प्रशासन ने दी हुई है। लेकिन इसके बावजूद हर शुक्रवार को गले में भगवा गमछा डालकर हिंदुत्तवादी संगठनों के लोग नमाज़ में बाधा डालने पहुंच जाते हैं।

ठीक है! सरकारी ज़मीन, सार्वजनिक स्थान पर नमाज़ नहीं होनी चाहिए, लेकिन सिर्फ नमाज़ ही क्यों? जागरण भी नहीं होना चाहिए, जगरताता भी नहीं होना चाहिए। कांवड़ यात्रा के दौरान एन-58 हफ्तों तक बंद कर दिया जाता है, जिससे हज़ारों करोड़ का नुकसान होता है वह भी नहीं होना चाहिए। साल 2018 में जब गुरुग्राम में पहली बार नमाज़ को लेकर विवाद हुआ तो तब हरियाणा वक्फ बोर्ड ने वक्फ की 19 संपत्तियों की सूची प्रशासन को सौंपी, ये वो संपत्तियां हैं जिन पर या तो कब्ज़ा किया हुआ है, या उन पर मस्जिद का निर्माण रोका हुआ है। 2018 से 2021 भी खत्म होने जा रहा है, वक्फ की पॉपर्टियां आज़ाद हुईं कि नहीं हुईं इसकी कोई ख़बर नहीं है। सरकार वक्फ की प्रॉर्टियां भी आज़ाद कराने में असफल है, और नमाज़ में बाधा डालने हिंदुत्तवादियों को रोकने में भी नाकाम है।

सरकार और प्रशासन को चाहिए कि भू-माफियाओं द्वारा कब्ज़ा की हुईं वक्फ की संपत्तियों को आज़ाद कराए और वक्फ की ज़मीन पर मस्जिद निर्माण में बाधा डालने वाले तत्वों पर भी सख्त कार्रावाई करे।

Wasim Akram Tyagi

Wasim Akram Tyagi is a well known journalist with 12 years experience in the active media. He is very popular journalist in Muslim Community. Wasim Akram Tyagi is a vivid traveller and speaker on the current affairs.

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