गुरुग्राम: नमाज़ के बाद अब क्रिसमस पर विवाद, हिंदुत्तववादियों ने प्रार्थना सभा में डाला बाधा, लगाए जय श्री राम के नारे

हरियाणा के गुरुग्राम में खुले में नमाज़ पढ़ने के बाद अब क्रिसमस की प्रार्थना सभा को लेकर विरोध का मामला सामने आया है। यहां हिंदू संगठनों के दक्षिणपंथियों पर क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक हुए कार्यक्रम में घुसकर क्रिसमस की प्रार्थनाओं में बाधा डालने का आरोप लगा गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि, उधर पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।

जानकारी के अनुसार, मामला पटौदी के नरहेड़ा रोड पर स्थित एक निजी स्कूल में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार शाम को कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे पहुंचे थे। ईसाई धर्म के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की जानकारी मिलते ही आस-पास रहने वाले हिंदू समाज के लोग और हिंदू संगठनों से जुड़े सदस्य भी स्कूल में पहुंच गए।

वहां जाकर उन्होंने सुना कि लोगों को प्रभु यीशू के बारे में बताया जा रहा था और उनके बताए गए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया और कुछ लोगों ने स्टेज पर भाषण दे रहे लोगों को नीचे उतारकर वहां जय श्री राम के नारे लगाए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मामले को लेकर पटौदी थाना प्रभारी ने बताया कि उनके पास इस मामले में किसी की तरफ से भी कोई शिकायत नहीं आई है। बता दें कि, निजी स्कूल के पड़ोस में रहने वाले एक ईसाई धर्म के व्यक्ति ने क्रिसमस मनाने के लिए गुरुवार शाम को स्कूल में जगह मांगी थी। वहां प्रार्थना सभा चल रही थी और बड़ी संख्या में लोगों को उस सभा में आमंत्रित किया गया था।

इससे पहले, पिछले दिनों पटौदी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में धर्मांतरण को लेकर एक महासभा का आयोजन भी किया गया था, जिसमें काफी बवाल हुआ था। इस महासभा का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को धर्मांतरण न करने के प्रति जागरूक करना था। उसके बाद से ही हिंदू संगठन क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए सक्रिय हो गया था।

गौरतलब है कि पूरी दुनिया में 25 दिसंबर को क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है और इसके साथ ही नए साल के आने की दस्तक सुनाई देने लगती है। आधी रात को विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन करके, चर्च की घंटियां बजाकर और कैरोल (क्रिसमस पर गाया जाने वाला विशेष गीत) गाकर ईसा मसीह के जन्म का जश्न मनाया जाता है।

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