जीएसटी परिषद कर चोरी रोकने के उपाय और कड़े कर सकती है

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नयी दिल्ली: वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) परिषद की मंगलवार से चंडीगढ़ में शुरू हो रही दो दिवसीय 47 वीं बैठक में कर प्रणाली में आगे के सुधार और परिषद द्वारा विभिन्न विषयों पर सुझाव के लिए गठित विभिन्न समूहों की रपटों पर चर्चा करने के अलावा जीएसटी की चोरी रोक कर कर वसूली बढ़ाने के संबंध में कुछ ठोस फैसले कर सकती है। इन फैसलों में इकाइयों के पते, बिजली कनेक्शन और बैक खातों के सत्यापन के उपाय भी शामिल किए जा सकते हैं।

परिषद कुछ वस्तुओं पर जीएसटी की दर में संशोधन कर सकती है। देश की आजादी के बाद अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में सबसे बड़े सुधारक के रूप में लागू जीएसटी के इस माह के अंत में पांच साल पूरे हो रहे है। जीएसटी को एक जुलाई 2017 को लागू किया गया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद में सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल है। बैठक के प्राय:सभी निर्णय अब तक सर्व सम्मति के साथ लिए जाते रहे हैं।

जीएसटी परिषद से पहले चंडीगढ़ में सोमवार अपराह्न अधिकारियों की बैठक शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक जीएसटी परिषद की इस बैठक में गडबड़ी की दृष्टि से अधिक जोखिम वाली करदाता इकाइयों के संबंध में जांच और सत्यापन की अधिक कठोर व्यवस्था किए जाने का निर्णय किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के वित्त मंत्री अजित परवार की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह (जीओएम) की एक रिपोर्ट चंडीगढ़ बैठक में पेश की जाने वाली है। समझा जाता है कि इस रिपोर्ट में कागज पर फर्जी कारोबार दिखाने वाली गैर पंजीकृत इकाइयों की सूचना सार्वजनिक किए जाने की सिफारिश की गयी है। इस समूह ने प्वाइंट आफ सेल (मशीनों) से किए जाने वाले लेन-देन की सूचना बैंकों के माध्यम से भी प्राप्त करने की व्यवस्था किए जाने की सिफारिश की है।

इस जीओएम ने अन्य बातों के अलवा गड़बड़ी के ज्यादा जोखिम वाली इकाइयों के पतों के भौतिक सत्यापन की व्यवस्था करने तथा जीएसटी पंजीकरण के समय विद्युत उपभोक्ता नंबर का उल्लेख अनिवार्य करने तथा बैंक खातों का नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से प्रमाणीकरण कराने की भी सिफारिश की है। फिटमेंट कमेटी ने कई तरह के प्रस्ताव दिए हैं।

श्री पवार की अध्यक्षता में पिछले साल गठित समिति को कर अधिकारियों के पास उपलब्ध सूचना-प्रौद्योगिकी उपकरणों और इंटरफेस की सीमीक्षा कर प्रणाली को अधिक कारगर बनाने के सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गयी थी। समूह को कार्य-प्रक्रिया में उपयुक्त सुधार के बारे में भी सिफारिश करने का कहा गया था।

सूत्रों के अनुसार जीएसटी परिषद की इस बैठ में कंपोजीशन स्कीम का फायदा ऑनलाइन सेलर्स को भी मिल सकता है। परिषद को जीएसटी दर युक्तिकरण पर एक अंतरिम रिपोर्ट भी सौंपी जा कसती है। इस बैठक में सीवेज ट्रीटेड पानी पर जीएसटी समाप्त करने, टेट्रा पैक पर जीएसटी बढ़ाने,सभी नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर एकसमान न्यूनतम दर पर जीएसटी लगाने, कृत्रिम अंगों और आर्थोपेडिक प्रत्यारोपण पर जीएसटी कम करने, इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5 फीसदी जीएसटी पर स्पष्टीकरण,ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो पर जीएसटी को उच्चतम स्तर पर करने पर विचार कर सकती है।

सूत्रों के अनुसार बैठक के एजेंडा में रेलवे उपकरणों पर जीएसटी छूट को हटाने और दही, पनीर जैसी वस्तुओं पर छूट को खत्म करने, आईजीएसटी अधिनियम के तहत अतिरिक्त बिजली के निर्यात पर बिजली उत्पदक कंपनियों को आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) लाभ देने, आरबीआई और सेबी जैसे नियामकों की सेवाओं और उत्तर पूर्व में हवाई अड्डों को जीएसटी से छूट देने की सिफारिशें हैं। सूत्रों के अनुसार परिषद ब्रांडेड खाद्य पदार्थों औरतैयार चमड़े पर जीएसटी बढ़ाने पर चर्चा और निर्णय कर सकती है।

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