पश्चिम बंगाल से तस्करी के लिये लाई गईं थीं पांच लड़कियां, दिल्ली महिला आयोग ने तस्करों के चंगुल से कराया आज़ाद

नई दिल्लीः दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने आज बताया कि, “हम अक्सर मानव तस्करी के ऐसे कई मामले देखते हैं, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि की लड़कियों को नौकरी दिलाने के बहाने मानव तस्करी का शिकार बना दिया जाता है। इसके बाद वे व्यावसायिक और यौन शोषण की शिकार होती हैं। यह बहुत जरूरी है कि मानव तस्करी को पूरी तरह से रोका जाए और इसके लिए हमें मानव तस्करी विरोधी कानूनों को मजबूत बनाना होगा और सख्ती से लागू करना होगा। आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”

 

आयोग को 19 अक्टूबर को एनजीओ शक्ति वाहिनी से सूचना मिली जिसमें बताया गया कि पांच लड़कियों को दुरंतो एक्सप्रेस से दिल्ली से पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है। सूचना मिलने के बाद आयोग ने फौरन एक टीम बनाई जो चाइल्डलाइन और दिल्ली पुलिस के साथ नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां पहुंचकर दो नाबालिग समेत पांच लड़कियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच से छुड़ाया गया।

बचाई गई लड़कियों की उम्र 15 से 19 साल के बीच है। सभी लड़कियों ने बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देकर जैना नाम की महिला और लादेन नाम का आदमी दिल्ली लेकर आये थे। लड़कियों ने बताया कि उन्हें मदनपुर खादर गांव के एक कमरे में बंद करके रखा गया था, लेकिन उन्हें उस घर का पता याद नहीं था। उन लड़कियों में से एक अपने घर पर फोन करने में कामयाब हुई, उसने अपने परिवार को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। इसके बाद लड़की के घरवालों ने अभियुक्त महिला जैना के खिलाफ शिकायत की और उसके खिलाफ पश्चिम बंगाल के जिला दक्षिण 24 परगना थाना धोलाहाट में प्राथमिकी दर्ज कराई।

महिला आयोग के अनुसार लड़कियों ने आगे बताया कि आरोपियों ने उन्हें दिल्ली में बेचने की भी कोशिश की। एक लड़की ने आयोग को बताया कि उसके साथ एक व्यक्ति ने छेड़छाड़ की थी। 20 साल की एक अन्य लड़की ने बताया कि वह एक महीने से अधिक समय से दिल्ली में रह रही है और उसने एक घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम किया, जिसमें उसे मात्र 1000 रुपए मिले। 19 साल की एक अन्य लड़की ने बताया कि एक व्यक्ति ने उसका यौन शोषण करने की कोशिश की । उसने यह भी बताया कि आरोपी ने उसे बेचने की भी कोशिश की। 15 साल की एक लड़की ने आयोग को बताया कि इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म हुआ।

दिल्ली महिला आयोग ने लड़कियों की काउंसलिंग की और उनकी मेडिकल जांच कराई। इसके बाद उन्हें शेल्टर होम में रखा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके से एक आरोपी संजू हलधर को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि नाबालिग लड़कियों को गुरुवार को सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया, जहां उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया गया।

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