DRDO का इंजीनियर निकला पाकिस्तानी जासूस, RJD बोली ‘क्षुब्ध अग्निवीर जासूसों से बच पाएँगे?’

नई दिल्लीः हैदराबाद में रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने के एक संविदा कर्मचारी को गिरफ्तार किया है, गिरफ्तार कर्मचारी पर आरोप है कि वह पाकिस्तान की महिला के साथ गुप्त जानकारी साझा करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी मल्लिकार्जुन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक संदिग्ध महिला हैंडलर के संपर्क में था और वह सोशल मीडिया के माध्यम उसको जानकारी दे रहा था।

क्या कहती है राजद

मल्लिकार्जुन की गिरफ्तारी पर राष्ट्रीय जनता दल ने अग्निपथ योजना पर सवाल उठाए हैं। राजद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि DRDO के इंजीनियर डी मल्लिकार्जुन रेड्डी को ‘नताशा राव’ से बात करवा हनीट्रैप कर के पाकिस्तानी जासूसों ने पनडुब्बी प्रक्षेपित K4, K5, K15 मिसाइलें, अग्नि श्रेणी की सभी मिसाइलों व वायु से वायु मार करनेवाली अस्त्र 1 एवं बन रही अस्त्र 2 BVR(बियॉन्ड विज़ुअल रेंज) मिसाइलों की सारी जानकारी, डिज़ाइन व ब्लूप्रिंट एक झटके में हासिल कर लिया।

दशकों से तैयार हुए और No First Use की नीति के परिपेक्ष्य में पाकिस्तान पर अति महत्वपूर्ण बढ़त झटके में गायब। जब अच्छी वेतन वाले सुशिक्षित इंजीनियर इतनी आसानी से जासूसों से फँस जाते हैं तो चार साल में पुनः बेरोजगार हुए, आर्थिक दृष्टि से कमज़ोर, असुरक्षित, क्षुब्ध अग्निवीर जासूसों से बच पाएँगे?

कई पूर्व सैन्य अफसरों ने आशंका जताया है कि पाकिस्तानी जासूसों को अब तक पता चल चुका होगा कि 4 साल बाद कहाँ हनी ट्रैप करने, प्रलोभन देने या कोई कमज़ोरी पकड़कर भारतीय मिलिट्री इंस्टॉलेशन्स, तैनाती, असलहा-बारूद के लोकेशन, अफसरों सम्बन्धी महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया जानकारी निकालने के आसान शिकार मिल जाएँगे!

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