दानिश अली का गृह मंत्रालय से सवाल, UAPA में क्यों बंद हैं जामिया, AMU छात्र? गृहमंत्री ने राज्य सरकार पर फोड़ा ठीकरा

सांसद कुँवर दानिश अली संसद में अपने क्षेत्र और देश की आवाज उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ते वहीं क्षेत्र की जनता की भलाई के लिए हमेशा हर संभव प्रयासरत रहते हैं। इस बार संसद सत्र में जनता एवं राष्ट्रहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे।

इसी संसद सत्र के दौरान दिनांक 01 दिसम्बर, 2021 को लोक सभा में, शून्य काल के दौरान उन्होंने कोविड-19 के कारण बंद हुए महाविद्यालय, विश्वविद्यालय खास कर जामिया मिल्लिया इस्लामिया, JNU, अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी आदि खुलवाने एवं UAPA के तहत झूठे मुकदमों में जेलों में बंद छात्रों को छोड़ने का मुद्दा उठाया था।

दानिश द्वारा कोविड-19 के कारण बंद हुए महाविद्यालय, विश्वविद्यालय खोलने के सन्दर्भ में पूछे गए प्रश्न पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने अपने उत्तर में कहा के इस मंत्रालय ने 30.09.2020 के आदेश के तहत गतिविधियों को दोबारा शुरू करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसके अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय को स्थिति के आकलन के आधार पर, कंटेनमेंट जोनों से बाहर के कॉलेजों/ उच्च शिक्षा संस्थानों को फिर से खोलने के समय पर निर्णय लेने की छुट दे दी गई थी। इसके अनुपालन में, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 07.11.2020 को विश्वविद्यालयों को पुनः खोलने के लिए एसओपी भी जारी की थी, जिसे समय-समय पर उन्होंने स्थिति के आकलन के आधार पर संशोधित किया है। इस मंत्रालय द्वारा जारी वर्तमान दिशानिर्देशों के तहत स्कूलों और विश्वविद्यालयों को पुनः खोलने पर कोई पाबंदी नहीं है।

UAPA के तहत झूटे मुकदमों में जेलों में बंद छात्रों को छोड़ने के प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री अपना ठीकरा राज्य सरकारों पे डालते हुए कहा के UAPA के तहत मुकदमों में जेलों में बंद छात्रों को छोड़ने का विषय संबंधित राज्य सरकारों के दायरे में आता है। अतः इसमें केंद्र से कोई हस्तक्षेप अपेक्षित नहीं है। इसके साथ-साथ, गृह राज्य मंत्री ने कहा के आपको विश्वास दिलाना चाहूंगा कि भारत सरकार, राज्य सरकार के प्रयासों में, निरंतर हर संभव सहयोग देना जारी रखेगी।

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