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सफूरा के समर्थन में उतरे चंद्रशेखर, कहा ‘मैं सरकारी ज़ुल्म के ख़िलाफ अपनी बहनों के साथ खड़ा हूं’

नई दिल्लीः आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने जामिया की छात्रा सफूरा जरगर समेत उन तमाम लोगों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की है, जिन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि लॉकडाउन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा जामिया छात्रों की गिरफ्तारियां की जा रहीं हैं। इनमें जामिया के छात्र नेता मीरान हैदर, सफूरा जरगर, मसरत ज़हर समेत कई छात्र/छात्राओं को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार छात्रों का समर्थन करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि हमारी बहन मसरत जहरा और सफूरा जरगर ने चुप्पी तोड़ी तो सरकार ने UAPA लगाकर उन्हें जेल में डाल दिया। मैं इस सरकारी जुल्म के खिलाफ बहुत मजबूती से अपनी बहनों के साथ खड़ा हूं। गौरतलब है कि आज सोशल मीडिया पर आज़ाद समाज पार्टी द्वारा #सरकारी_जुल्म_बंद_करो हैश टैग चलाया गया था, जिसके तहत चंद्रशेखर आज़ाद ने कई ट्वीट किए।

आज़ाद ने दलित, ओबीसी, और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले को लेकर चिंता ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि जब हम सरकारी जुल्म की बात कर रहे हैं तो हमारा इशारा केंद्र व राज्य सरकारों के साथ न्यायपालिका पर भी है। संविधान विरोधी कोलेजियम सिस्टम इस जुल्म का एक बड़ा कारण है। इसे वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन में गरीबों मजदूरों को दो वक्त की रोटी और किराया न देने वाली सरकार ने इरादतन डिफाल्टर पूंजीपतियों के ₹68 हजार करोड़ कर्ज माफ कर दिया। गरीब मजदूर चूहा, घास, जानवरों का चारा और घोंघा खाने को मजबूर है। यह सरकार की नाकामी है।

उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान बेगूसराय में विक्रम और संतोष की पुलिसिया हत्या, भोजपुर में दलित बहन का गैंगरेप, यमुनानगर जेल में रमन वाल्मीकि की सांस्थानिक हत्या, अलीगढ़ में लव कुश की हत्या, शिवपुरी में गजराज जाटव की हत्या, और कितनी कहानी सुनाऊँ!

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