चर्चा में देश

गुजरात यूनिवर्सिटी का टॉपर था आसिफ शेख, आतंकवाद के झूठे आरोप में फंसाकर गुजरात पुलिस ने बर्बाद

आसिफ शेख नाम के युवक ने 2001 में गुजरात यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता में टॉप किया। उनके साथ के लोग बड़े-बड़े पत्रकार बन गए। आसिफ आतंकवाद के झूठे केस में फंसा दिए गए। इस केस ने आसिफ के सपनों पर ऐसा पानी फेरा कि उनकी ज़िंदगी के सारे रास्ते बंद हो गए। 2001 में मुसलमानों की […]

चर्चा में देश

बच्चा गोद में लेकर ड्यूटी करतीं महिलाएं गर्व नहीं बल्कि राष्ट्रीय शर्म का प्रतीक हैं।

ट्रैफ़िक पुलिस की एक महिला सिपाही को देखा. जो अभी-अभी मां बनी और कुछ ही दिनों में अपना बच्चा लेकर काम पर आ गई. एक वीडियो वायरल हुआ. जिसमें महिला सिपाही की छाती पर बच्चा लगा हुआ है और वो दूसरे हाथ से ट्रैफ़िक को पास कर रही है. स्वभाविक है ये बहुत ही भोली […]

चर्चा में देश

राम पुनियानी का लेखः अखंड भारत या दक्षिण एशियाई देशों का संघ

भारत का विभाजन दक्षिण एशिया के लिए एक बड़ी त्रासदी था। विभाजन के पीछे मुख्यतः तीन कारक थे – पहला, ब्रिटिश सरकार की फूट डालो और राज करो की नीति, दूसरा, हिन्दू साम्प्रदायिकता, जो भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहती थी और तीसरा, मुस्लिम साम्प्रदायिकता, जो धर्म के आधार पर एक अलग देश, पाकिस्तान, की […]

चर्चा में देश

गोदी मीडिया का प्रोपगेंडा, आईटी सेल की करतूत और राहुल गांधी की राजनीति

मैं सुशील मोदी जैसे लोगों को फॉलो नहीं करता। इसलिए ऐसे मूर्खतापूर्ण सवालों का सामना नहीं करना पड़ता है। राहुल गांधी का नहीं पता। आज देश में जो हालत है उसके लिए मैं मुख्य रूप से मीडिया को दोषी मानता हूं क्योंकि यह आम जनता को भाजपा और भाजपा नेताओं की सच्चाई नहीं बताता है। […]

चर्चा में देश

किसान आंदोलन के तीन महीने और किसान आंदोलनों का इतिहास

किसान आंदोलन अपने सौ दिन पूरे करने जा रहा है। सरकार का स्टैंड अब भी वही है कि बातचीत से ही रास्ता निकलेगा, पर न तो बातचीत हो रही है और न ही बातचीत की तारीख तय हो पा रही है। सब कुछ थमा है। पर किसानों के हौसले जस के तस हैं। थका कर […]

चर्चा में देश

इतिहास बदल देती है, एक निर्भीक मीडिया, इन तीन घटनाओं में सामने आई थी मीडिया की पॉवर

“वो भी क्या दिन थे साक़ी तेरे मस्तानों के। टीवी पर अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन अपने इस्तीफ़े की घोषणा कर रहे हैं. फ़र्श पर बॉब वूडवर्ड और कुर्सी पर कार्ल बर्न्सटीन बैठे हैं। 28-29 साल के इन दो वाशिंग्टन पोस्ट के पत्रकारों ने राष्ट्रपति निक्सन के झूठ-फ़रेब का पर्दाफ़ाश कर उन्हें हटने के लिए […]

चर्चा में विदेश

म्यांमार का सबक़ः बहुसंख्यकवाद न सिर्फ मानवाधिकारों बल्कि लोकतंत्र को भी समाप्त कर देता है

म्यांमार मे लोकतांत्रिक तरीक़े से चुनी गई सरकार का सेना ने तख्तापलट कर दिया, और म्यांमार की नेता आंग सांग सू की को कैद कर लिया गया। अब म्यांमार की जनता सेना के ख़िलाफ सड़को पर उतर आई है। Voice Of America के हवाले से प्राप्त यह तस्वीर म्यांमार के शहर मांडले की है। जहां […]

चर्चा में देश

आंसुओं और आर्थिक ‘तंगी’ से जूझने वाले ‘संतोष’ की इन हरकतों को जानकर आपको नहीं मिलेगा ‘आनंद’

दीपक असीम मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पच्चीस साल होने आए। मगर मोबाइल फोन का स्विच ऑफ करके जैसा सुकून उस दिन मिला था, वैसा फिर कभी महसूस नहीं हुआ। उस दिन यानी जब मैंने संतोष आनंद को विदा किया था और उनके प्रति अपने आपको जिम्मेदारियों से मुक्त महसूस किया था। उन्हें मुशायरे में […]

चर्चा में देश

रवीश की विश्वसनीता पर अदालत की मुहर, रवीश की रिपोर्ट के आधार पर तीन लोगों को मिली ज़मानत

दीपक असीम एनडीटीवी के रवीश कुमार और उनके लाखों करोड़ों चाहने वालों के लिए आज का दिन गर्व का दिन है। आज उन्हें मैगसेसे पुरस्कार से भी बड़ा पुरस्कार मिला है और वो है विश्वसनीयता का तमगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने आज एनडीटीवी के एक वीडियो के आधार पर दिल्ली दंगों के आरोप में एक साल […]

चर्चा में देश

रश्मि और सामंत और दिशा रविः पढ़े लिखे वर्ग की सांप्रदायिक कुंठा का इलाज कैसे होगा?

हमारे सामने दो ख़बरें हैं, पहली ख़बर इंग्लैंड से है, और दूसरी ख़बर भारत से ही है। लेकिन दोनों ख़बरों का संबंध भारत से ही है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट यूनियन की पहली भारतीय महिला प्रेसिडेंट चुनी गईं रश्मि सामंत ने पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअस्ल रश्मि की पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट्स के […]