कोहली से प्रेरणा लेकर ‘विराट’ बनना चाहते हैं बाबर आज़म, लेकिन मंज़िल बहुत है दूर…

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फ़ायक़ अतीक़ किदवई

कई बार लोग मुझसे कहते है विराट कोहली और बाबर आज़म पर कंपैरिज़न करते हुए लिखिए। जहाँ तक परफॉर्मेंस की बात है, विराट कोहली अभी बहुत आगे है, और उनसे तुलना करना भी अजीब है, ख़ुद बाबर आज़म अपने इंटरव्यू में कई बार कह चुके है कि वो विराट कोहली से प्रेरणा लेते है, उन्हें खेलते हुए देखते है, उनसे सीखते हैं।

जहाँ तक रिकार्ड की बात करे तो कोहली वनडे में साठ और बाबर आज़म पछपन के करीब ऐवरेज से बैटिंग कर रहे है, टेस्ट में बाबर आज़म को अभी साबित करना है ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध टेस्ट में उनकी दो शानदार पारी रही है, हालांकि चौबीस टेस्ट तक विराट कोहली भी टेस्ट में तीस पैतीस के ऐवरेज से रन बना रहे थे जो हद तक एक जैसा है। शुरुवात दोनो की एक ही तरह है, विराट जब नए नए आए थे तो सिक्स मारने में उन्हें दिक्कत होती थी, लेकिन वक़्त के साथ उन्होंने अपनी मसल्स को स्ट्रॉग किया खासकर फोरआर्म्स, अब तो विराट कोहली शोल्डर का पूरा सपोर्ट लिए बिना ही रिस्ट और एल्बो की ताकत से सिक्स मार देते है ऐसे मैं बैट पूरा राउंड भी नही करता।

जबकि बाबर आज़म को अभी तेज़ बॉलर पर सिक्स मारने में थोड़ी दिक्कत होती है इसलिये थोड़ा स्लो भी है, हालिया दिनों में उन्होंने बड़ी शॉट्स पर ध्यान दिया है इसलिए अब वो सिक्स मार भी रहे हैं। विराट जहाँ पूरे मैच में अपनी छाप छोड़ते है बाबर सिर्फ़ अपनी बैटिंग में। विराट अग्रेसिव होने के साथ साथ बेहद चुस्त और फिट है। फील्डिंग करते हुए भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते है, यहाँ तक अपने सभी खिलाड़ियों पर ध्यान देते है, विकेट कोई भी ले विराट का उसपर असर दिखता है वो दौड़कर बॉलर्स के पास जाते है, अंपायर से बात करते है, जबकि बाबर आज़म थोड़ा शांत है और रनर बहुत ख़राब है।

जहाँ तक टेक्नीक की बात करूं तो दोनो थोड़ा अलग है, विराट कवर ड्राइव के लिए आगे आते है, बॉडी को पूरी तरह खींचते है और बैट को दूर ले जाते है जबकि बाबर आज़म कवर ड्राइव के लिए बॉल को करीब आने देते है और हल्का से बैक फुट पर पंच मारते है बाबर को इस तरह से खेलने का एक फायदा ये मिलता है कि बॉलर अगर ऊँगली रोल करके स्लो भी डालता है तो वो इतना पीछे जाते है कि स्लोवर का अंदाज़ा हो जाता है लेकिन नुकसान ये है कि आउट फील्ड तेज़ नही है तो ज़्यादातर ड्राइव रोक ली जाती है। बाबर का पंच विराट से बेहतर है, बाबर अंदर आती बॉल पर थोड़ा असहज होते है मगर वो आउट होने के मौके कम देते है।

विराट सभी तरफ खेलने में एक जैसी मज़बूती रखते है जबकि बाबर आज़म लेग स्टम्प पर ऑफ स्टम्प के मुकाबले ज़्यादा मज़बूत है। दोनो ही प्लेयर स्वीप शॉट बहुत कम खेलते है, बाहर जाती हुई गेंद विराट की कमज़ोरी है इसलिये मुहम्मद आमिर और मुस्तफिजुर के खिलाफ सतर्क होकर खेलना पड़ता है, बाबर आज़म कई बार लेग स्टम्प खेलने के चक्कर मे एलबीडब्ल्यू होते है।

दोनो बैट्समैन बैट के निचले हिस्से से खेलते है और शॉट बॉल पर स्लिप और पॉइंट से सिंगल लेते है। मानसिक रूप से विराट बहुत स्ट्रॉग है। टेस्ट की चौथी इनिंग में उनके रन बहुत है, जो ये बताता है कि वो किस स्तर के बैट्समैन है। हालांकि बाबर आज़म में मुझे बहुत संभावनाएं दिखती है जहाँ तक अपने नज़रिए से कहूँ तो पाकिस्तान टीम में बाबर आज़म से बेहतरीन बैट्समैन मुझे हालिया सालों में नज़र नही आया है। जबकि विराट के साथ तुलना वाक़ई गलत है।

मौजूदा वक्त में स्टीवन स्मिथ तिरसठ के ऐवरेज से टेस्ट में रन बना रहे है लेकिन हमें पता है बावन के ऐवरेज से रन बनाने वाले ब्रायन लारा से बेहतर नही है। क्रिकेट में सीधे रिकार्ड से तुलना करना बेवकूफ़ी है। आपने किस दौर में कौन सी पिचों पर कौन से बॉलर्स के सामने किस तरह के हालात में रन बनाए ये मायने रखता है।

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