AMU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष का सवाल “क्या इस मुल्क़ को आग में झोंकने के लिए सरकार ने और कोर्ट ने कसम खा ली है?”

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हरिद्वार धर्म संसद के बाद रायपुर धर्म संसद में मुसलमानों और गांधी जी के ख़िलाफ हुई बयानबाजी पर पर अब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र नेताओं ने भी बोलना शुरू कर दिया है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र-संघ अध्यक्ष फैज़ुल हसन ने प्रशासन के ढुलमुल रवैय्ये पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि हमें ही नहीं पूरी दुनिया भर के लोगों को महात्मा गाँधी जी “बापू” से प्यार है लेकिन जिस धर्म संसद में तीन दिनों तक मुसलमानों की नस्ल-कुशी (नरसंहार) करने के लिए लोगों से अपील की गई लेकिन उसपर अभी तक कोई ठोस क़दम नहीं उठाया गया बल्कि पूरे धर्म की बेइज़्ज़ती का डैमेज कंट्रोल करने के लिए एक आतंकी बाबा कालीचरण को गिरफ्तार करके दुनिया भर में हुई बेइज़्ज़ती को बचाने की कोशिश की जा रही है।

फैज़ुल हसन ने सवाल किया कि क्या इस मुल्क़ को आग में झोंकने के लिए सरकार ने और कोर्ट ने कसम खा ली है जो लगातार एकतरफ़ा फैसला करते आ रहें हैं? कल को यही आग और नफ़रत जो हर एक मुसलमानों के अंदर इस एकतरफा रवैये ने भर दी है अगर वह भी बाहर निकल गई तब उसका ज़िम्मेदार कौन होगा? बड़ी मुश्किलों से इस चमन को आबाद किया गया है जिसे यहाँ की आबादी से लेकर सरकार के लोग लगातार बर्बाद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश को बर्बादी की तरफ़ लगातार झोंकने की कोशिश यहाँ की सरकार और कुर्सी पर बैठने वाले कर रहें हैं। जिनपर इस मुल्क़ और संविधान की ज़िम्मेदारी है वह ही इस मुल्क़ की अज़ीम तवारीख़ को रौंदने का काम कर रहे हैं। अपने दो कौड़ी के गुंडे मवालियों को सपोर्ट करके इस देश की इज़्ज़त को लगातार पूरी दुनिया में मज़ाक़ बना रहे हैं। फैज़ुल ने एक शेर सुनाते हुए कहा कि-

हमारे अपने मशगुल हैं हमें बर्बाद करने में,

गैरों से गिला क्या वो तो तमाशाई हैं।

 

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