अल्ताफ मामला: कासगंज एसपी पर भड़के चंद्रशेखर, कहा “शर्म नहीं बची है यह तो हम जानते हैं पर कानून का थोड़ा तो भरम रहने दीजिए।”

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उत्तर प्रदेश के कासगंज में पुलिस कस्टडी में मारे गए 21 वर्षीय अल्ताफ की मौत का मामला अब तूल पकड़ रहा है। दरअस्ल कासगंज के एसपी ने एक बयान जारी कहा है कि अल्ताफ ने हिरासत के दौरान नाड़े से आत्महत्या की है। इसके बाद कासगंज के एसपी रोहन बोत्रे की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है। इसी क्रम में आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने कासगंज के एसपी को खरी खरी सुनाई हैं।

चंद्रेशखर ने ट्वीट किया कि “शर्म नहीं बची है यह तो हम जानते हैं पर कानून का थोड़ा भरम तो बने रहने दीजिए। नाड़े की डोर से नल से लटकर आत्महत्या करने की कहानी के लिए आपको ऑस्कर अवार्ड मिलना चाहिए। हत्यारे पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए कितना नीचे गिरेंगे महोदय? योगी जी इन लोगों पर कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे?”

चंद्रशेखर ने आगरा में पुलिस कस्टडी में मारे गए अरूण वाल्मिकी को लेकर भी यूपी पुलिस को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि “पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए होती है पर UP में लोग पुलिस के आतंक से ही त्रस्त हैं। अरुण वाल्मीकि की हत्या के बाद पुलिस मैनपुरी में घूस न देने पर एक दलित परिवार को पीट रही है। इस जंगलराज का इलाज आजाद समाज पार्टी ही करेगी। योगी जी बताएं कि ऐसे पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही कब होगी?”

बता दें कि कासगंज पुलिने अल्ताफ की मौत के मामले में पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कासगंज एसपी द्वारा लापरवाही बरतने पर पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की कार्रावाई की गई है, प्रकरण में की जा रही।

बता दें कि, अल्ताफ (21) पुत्र चांद मियां (निवासी नंगला सैयद) एक मकान में टाइल लगाने का काम कर रहा था, जहां से एक लड़की लापता हो गई थी। परिजनों ने जिसका आरोप अल्ताफ पर लगाया। परिजनों का कहना था कि अल्ताफ ही लड़की को भगा ले गया है। मामले में कासगंज पुलिस ने अल्ताफ को 8 नवंबर की रात्रि करीब 8 बजे हिरासत में लिया, जिसके अगले दिन 9 नवंबर की शाम को अल्ताफ की सदर कोतवाली में मौत हो गई।

मृतक अल्ताफ के पिता चांद मियां का आरोप है कि, पुलिस, अल्ताफ को शक के तौर पर थाने ले गई। जहां पर पुलिस वालों ने अल्ताफ को फांसी लगा दी।