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यूपी की घटना पर अलका लांबा का स्मृति से सवाल ‘महिला मंत्री ईरानी तेरी चुप्पी की क्या मज़बूरी है?’

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश में इन दिनों ब्लॉक प्रमुख का चुनाव चल रहा है। इन चुनावों में भाजपा पर आरोप लग रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता का दुरुपयोग कर ब्लॉक प्रमुखी के पद कब्ज़ा रही है। इससे पहले जिलापंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी ऐसा ही देखने को मिला था। ब्लॉक प्रमुखी के चुनाव में कहीं पर प्रत्याशियों का अपह्रण किया गया है तो कहीं पर प्रतिद्वंदी प्रत्याशी को नामांकन ही नहीं करने दिया गया। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में दो महिला प्रत्याशियों के साथ बदसलूकी के मामला भी सामने आया है।

लखीमपुर में नामांकन करने जातीं सपा प्रत्याशी की साड़ी खींचे जाने के बाद आज फिर ऐसा ही मामला देखने को मिला है। अनीता यादव की साड़ी उतारी गई, वहीं ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी ऋतु को नामांकन नही करने दिया गया। इस घटना पर विपक्ष नेताओं का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस की तेज तर्रार नेता अलका लांबा ने इस घटना पर स्मृति ईरानी को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि कॉंग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी ने महिलाओं को सम्मान दिया,महिलाओं को पंचायतों में बराबरी का अधिकार दिया, भाजपा और मोदी-योगी राज में उन्हीं महिलाओं का चीरहरण हुआ, क्या यह है RSS का महिला सशक्तीकरण? महिला मंत्री ईरानी तेरी चुप्पी की क्या मज़बूरी है?

एक के बाद एक किए गए ट्वीट में अलका ने कहा कि सरकारों को क़ानूनी तौर पर महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार मुहैया करवाने चाहिये, नहीं तो अपनी चूड़ियों के काँच से इन राक्षसों को लहू-लुहान करना सीखना होगा. अंचल पर आँच ना आने देना. उन्होंने विपक्ष के नेताओं से आह्वान किया कि यूपी में विपक्षी दलों के नेता/कार्यकर्ता कुछ गलत या गैरकानूनी काम करे,ऐेसे में BJP सत्ता में है,जब चाहे विपक्ष के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही कर सकती है,लेकिन जब सत्ताधारी BJP के नेता ही हमारी बहनों की इज्जत पर हाथ डालने लगें तो ऐेसे में सबको राजनीति से ऊपर उठकर आवाज़ उठानी चाहिए.

पूर्व विधायक अलका लांबा ने केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल महिलाओं की तस्वीर पोस्ट करते हुए भी तंज किया है। उन्होंने कहा कि कल तक चूडियां भेट करने वालीं भाजपा की यह नेत्रियां लगता है मंत्री पद की शपथ लेने से पहले अपनी भी चूडियां घर छोड़ आईं हैं,आज पहले इन्हें चूडियां भेट करने की ज़रूरत है ताकि कुछ हिम्मत दिखा पाएं,अपनी बंद जुबान खोल पायें, वर्ना इन सब मात्र सांकेतिक बदलावों से कुछ बदलने नहीं वाला है.