करियर के शुरूआती दौर में शोएब अख्तर से ज्यादा तेज़ उमरान मलिक

  • उमंग मिश्रा 

फ्लैट पिच पर 147+ रफ्तार निकाल इंटरनेशनल क्रिकेट में बोल्ड कर रहा है।उमरान मलिक वो तेज़ गेंदबाज है जिसका सपना भारतीय दर्शक देखते रहे हैं ऑस्ट्रेलिया,पाक और द.अफ्रीका के गेंदबाजों को देख कर।अगर इस हीरे को ठीक से तराशा गया और सही मौका मिला तो कोहिनूर बन जाएगा।

पिछले मैच में 155 की रफ्तार भारत की पिच पर निकाली थी।मजाक नहीं है ये।शोएब अख्तर ने भी शुरू के करिअर में इतनी रफ्तार से गेंद नहीं डाली थी। शोएब ने बाद में बाकायदा तैयारी करके, मसल बिल्ड करके रफ्तार और बढ़ाई थी। शोएब ने सिर्फ 1 गेंद 161 की रफ्तार पर फेंकी थी द. अफ्रीका की पिच पर।

जो बॉलर करिअर के शुरू में 155 भारत की पिच पर निकाल रहा वो अपने चरम पर निश्चित 161+ जाएगा बस ईश्वर उसे इंजरी से बचाए रखे। ऑस्ट्रेलिया और द. अफ्रीका की पिचों पर उमरान को बॉलिंग करते देखना रोचक होगा। उसका एक्शन, मेंटलिटी सब ऐसी है वो भविष्य का स्टार बन सकता है।

ये भी अहम है कि कोई कोच उसे रफ्तार नियंत्रित कर लाइन लेंथ वाला ज्ञान न देने लगे। जिसकी जो ताकत है उसी पर फोकस करना चाहिए और उमरान मलिक की ताकत रफ्तार है। इस मामले में इमरान खान से सीखना चाहिए। इमरान ने हमेशा वसीम अकरम से कहा तेज से तेज गेंद डालो जब उनसे नो बॉल हो रही हो तब भी।

1992 WC के एक मैच में अकरम ने कई नो बॉल फेंकी।प्रेस में आलोचना हो रही थी लेकिन इमरान ने वसीम ने कहा अगले मैच में जितनी तेज डाल सकते हो गेंद डालना।शोएब अख्तर की भी यही फिलोसॉफी रही।उमरान को भी यही सिद्धांत अपनाना चाहिए। स्विंग/लाइन लेंथ वाले बहुत हैं, उमरान मालिक सिर्फ एक है।